मेवाड़ भवन, गोरेगांव में साध्वी विजयलता मसा, प्रजाश्री मसा एवं पुण्याश्री मसा के सान्निध्य में दैनिक प्रवचन श्रृंखला में साध्वीश्री ने कहा 1950 में सिंधु गांव में जन्मे मेवाड़ संप्रदाय के संत गुरुदेव भारमल मसा को अत्यंत विलक्षण रूप से वैराग्य की प्राप्ति हुई थी।


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मुंबई। मेवाड़ भवन, गोरेगांव में साध्वी विजयलता मसा, प्रजाश्री मसा एवं पुण्याश्री मसा के सान्निध्य में दैनिक प्रवचन श्रृंखला में साध्वीश्री ने कहा 1950 में सिंधु गांव में जन्मे मेवाड़ संप्रदाय के संत गुरुदेव भारमल मसा को अत्यंत विलक्षण रूप से वैराग्य की प्राप्ति हुई थी। वे ऊँट और घोड़े पर गाँव-गाँव व्यापार हेतु जाया करते थे। एक दिन ऊँट बीमार हो गया और कुछ नहीं खाया। यह देखकर उनका हृदय द्रवित हो उठा और करुणा का भाव जाग्रत हुआ। यही करुणा आगे चलकर वैराग्य में बदल गई। और उन्होंने थामला गांव में गुरुदेव मोतीलाल मसा से दीक्षा लेकर संयम जीवन धारण कर लिया। उन्होंने कहा कि श्रमण संघ के संगठन में उनका योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने अपने गुरु मोतीलाल मसा को संघहित में आचार्य पद का त्याग करने के लिए प्रेरित किया और मेवाड़ संप्रदाय में संगठन का शंखनाद किया। संवत् 2018 में जब गुरुदेव देवलोकगामी हुए, तब संपूर्ण भार गुरुदेव अंबेश मसा के कंधों पर आ गया। प्रवचन के अगले चरण में उन्होंने रोड़ीदास स्वामी की तपस्या और त्याग का स्मरण करते हुए कहा कि एक बार किसी ने आहार में जहर मिला दिया। उन्हें आभास हो गया कि आहार विषाक्त है, फिर भी संयम की मर्यादा के कारण उन्होंने उस आहार को ग्रहण किया। उनके लिए संयम की शुचिता मृत्यु से भी अधिक महत्वपूर्ण थी। जिसने जहर दिया, वह उनके देवलोकगमन का इंतजार कर रहा था, परंतु अगले दिन जब देखा तो स्वामीजी पूर्णतः स्वस्थ थे। वह आहार अमृत बन गया। तपस्या की अग्नि में जहर भी अमृत हो गया।
ऐसे महापुरुष की स्मृति में मेवाड़ संघ द्वारा अठाई तप महोत्सव मनाया जा रहा है। आज इस तप का छठा दिवस है।
संघ अध्यक्ष भेरूलाल लोढ़ा ने आग्रह किया कि जो लोग अठाई तप नहीं कर पाए हैं, वे कम से कम एक बेला या उपवास की भेंट अवश्य अर्पित करें। मेवाड़ महिला मंडल अध्यक्ष कंचन सिंघवी ने बताया कि 25 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे से महिला मंडल द्वारा सांझी का आयोजन किया जाएगा। सेवा खार-बांद्रा उपसंघ की रही, जिसमें अध्यक्ष भावना कोठारी ने विचार रखे। कोषाध्यक्ष फूलचंद नाहर ने कहा कि तप महोत्सव की तैयारी में मेवाड़ संघ तन-मन से समर्पित है। संचालन महामंत्री प्रकाश नाहर ने किया गया। रोड़ीदास स्वामी तप के 7 दिवसों के लाभार्थी इंद्रमल वडाला परिवार का सम्मान किया गया। यह जानकारी ज्ञान प्रकाश समिति के विनोद चपलोत ने दी।
Editorial

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