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मुंबई। भायखला के एक कारोबारी चिंतन शाह को 92.45 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फर्जी बिलों और दस्तावेज़ों के आधार पर क्लेम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि मेसर्स हेवी इंजीनियरिंग प्रॉडक्ट्स और मेसर्स एके इंटरनैशनल इंजीनियरिंग नामक कंपनियों के माध्यम से फर्जी आईटीसी दावा किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि चिंतन शाह ने दिल्ली स्थित कुछ ऐसे आपूर्तिकर्ताओं की फर्जी इनवॉइस का इस्तेमाल किया, जो वास्तव में मौजूद ही नहीं थे और जिनका जीएसटी पंजीकरण धोखाधड़ी के कारण रद्द कर दिया गया था। 92.45 करोड़ रुपये के इस फर्जी आईटीसी में से 32.19 करोड़ रुपये की राशि रद्द जीएसटी नंबरों से जारी इनवॉइस पर आधारित थी, जबकि 60.26 करोड़ रुपये ट्रांसपोर्टरों की गलत विवरणिकाओं के आधार पर क्लेम की गई थी। शाह ने कथित रूप से स्वीकार किया, “साल 2022 तक हमने बिना कोई माल प्राप्त किए फर्जी इनवॉइस लिए थे।”
Editorial

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