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मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उन दुकानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने मराठी में नामफलक नहीं लगाए हैं। अब तक 3,040 दुकानों को नोटिस भेजे गए हैं।
फरवरी 2022 में महाराष्ट्र सरकार ने अधिनियम संशोधित कर सभी दुकानों पर मराठी में नामफलक अनिवार्य कर दिया था। नियम के अनुसार, मराठी फ़ॉन्ट अन्य भाषाओं से बड़ा और गाढ़ा होना चाहिए। हालांकि इस कार्रवाई को बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिससे 2022 में अस्थायी रोक लगी थी। लेकिन सितंबर 2023 में यह रोक हटाई गई और नवंबर तक की मोहलत के बाद
बीएमसी ने कार्रवाई तेज कर दी।बीएमसी ने निरीक्षण के लिए 60 अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो रोज़ाना 2,000–3,000 दुकानों की जांच कर रहे हैं।
अब तक 522 प्रतिष्ठानों पर कुल रु. 46 लाख का जुर्माना लगाया गया है। हर दुकान पर अधिकतम जुर्माना रु. 2,000 प्रति पंजीकृत कर्मचारी तय किया गया है। बीएमसी ने कहा कि 10 लाख से अधिक दुकानों में से 50% से कम ने मराठी नामफलक लगाए हैं
Editorial

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