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मुंबई। चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि, जीवन में संयम, साधना और अनुशासन का समावेश करने का काल है। जैन स्थानक कपड़ा बाजार में श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा, हितेंद्र ऋषि मसा, धवल ऋषि मसा और महक ऋषि मसा का श्रद्धालुओं के साथ जैन स्थानक में प्रवेश हुआ।
इस अवसर पर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष राजेश बांठिया, संयोजक नितिन मुनोथ, राजेंद्र बांठिया, शैलेंद्र खेरोदिया, संतोष मुनोथ, उपाध्यक्ष मनोज बांठिया, बिपिन मुनोथ, मदनलाल चपलोत, ललित चंडालिया, मंत्री अशोक बोहरा, रणजीत काकरेचा, प्रकाश कर्णावट, कोषाध्यक्ष शीतल बांठिया, महावीर सोलंकी, विलास कोठारी, आनंदीलाल सुराणा, मनोज मुनोत, डॉ. प्रमोद गांधी, जितेंद्र बालड, राकेश संचेती, रोशन सुराणा, विजयराज कुमठ, महेश गड़ा, नीरज कोठारी, राजेन्द्र बोरा, राजेश कोठारी, महेंद्र सुराणा, हस्तीमल कराड, महेंद्र जैन, पारस हिंगड, सुनील गुन्देचा, जयंती परमार, विजय श्रीमाल, निखिल मुनोथ, रिखब बनवट, जयंती गडा, रसिक सावला, ऋषभ बांठिया आदि पदाधिकारियों और प्रेरणा महिला मंडल आदि ने जैन स्थानक में संतों का जयघोष के साथ अभिनन्दन किया।
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युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने देश भर से आये पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं को साधुवाद देते हुए कहा कि चातुर्मास केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, अनुशासन और साधना का विशेष काल है। यह अवसर हमें अपने भीतर झांकने, स्वयं के दोषों को पहचानने और आत्मा की शुद्धि का माध्यम बनता है। संयम, सादगी और आध्यात्मिकता ही सच्चे धर्म का आधार हैं। आज समय की कीमत को समझने का है समय हमें सिखाता है कि भौतिकता में उलझने के बजाय आत्मिक उन्नति पर ध्यान केंद्रित करें। चातुर्मास में ध्यान, स्वाध्याय और भक्ति के माध्यम से हम अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। यही काल हमें व्यक्तिगत विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा प्रदान करेगा।
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जैन कॉन्फ्रेंस के रमन लाल लुकड़, अविनाश चौरड़िया, पारस मोदी, आनन्द छल्लानी, सी.सी डांगी, नरेश बोहरा, सुरेश लुणावत, सज्जनराज तालेड़ा, नितिन वैदमूथा, प्रकाश बुरड़, गौतम गुगलिया, कांतिलाल जैन, रतनचंद सिंघवी, अशोक रांका, सुरेंद्र कटारिया, मनोहरलाल लोढ़ा, दिनेश सिंघवी, विक्रम कीमती, पुखराज आंचलिया, नेमीचंद दलाल, दिनेश पोखरना, नितिन चौपड़ा, सुनिल चौपड़ा, मनीष लुकड़, विकास कोठारी, मेवाड़ संघ अध्यक्ष भैरूलाल लोढ़ा, प्रकाश नाहर, फूलचंद नाहर, चतरलाल लोढ़ा, दिलीप नाबेड़ा, रोशनलाल वड़ाला, महेंद्र पगारिया, महेंद्र चौरड़िया, रिखबलाल सांखला, नवरतन सोनी, लक्ष्मीलाल वडामिया, महावीर तातेड़, बंसती लाल चपलोत, नरेश लोढ़ा, नवरतन सोनी, राजेंद्र चपलोत, निमेश राठौड़, सुरेश सिंघवी, सुरेश सोनी, सुंदरलाल सांखला, श्याम कांगरेचा, दिनेश सिंघवी, नवयुवक मंडल अध्यक्ष सोनू कोटिफोड़ा, मुकेश सांखला, शोकिन पामेचा, किशन बोहरा, महेंद्र चंडालिया, गणेश वडाला, रुचीरा सुराणा, ज्योति गदिया, मेवाड़ महिला मंडल अध्यक्ष कंचन सिंघवी, लीला सांखला, ललिता सोनी, लाजवंती वड़ाला, राजकुमारी बोहरा, बेबी बेन डागलिया, रिया सियाल व देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ मुम्बई के सभी 34 उपसंघों की उपस्थिति रही। प्रवेश कार्यक्रम को सफल बनाने श्रावक संघ पनवेल, मेवाड़ उपसंघ, स्थानक ट्रस्ट, साधना सदन ट्रस्ट, नवकार युवक मंडल, मेवाड़ नवयुवक मंडल, प्रेरणा महिला मंडल, मेवाड़ महिला मंडल, मेवाड़ कन्या मंडल, आनन्द धार्मिक मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, मूर्ति पूजक संघ, कच्छी वागड़ गुजराती संघ, शीतलनाथ विहार सेवा ग्रुप, माहेश्वरी समाज आदि का सहयोग रहा। संचालन अशोक बोहरा व रणजीत काकरेचा ने किया। आभार अध्यक्ष राजेश बांठिया ने किया।
Editorial

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