एशिया कप 2025 को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, लेकिन अब तक इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव ने इस बार के एशिया कप पर अनिश्चितता की स्थिति बना दी है। एक ओर आयोजन की मेजबानी भारत के पास है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले और भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या एशिया कप भारत में होगा और अगर होगा, तो क्या पाकिस्तान की टीम इसमें हिस्सा लेगी?

टूर्नामेंट की स्थिति स्पष्ट नहीं


अब तक एशिया कप 2025 को लेकर न तो बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है, न ही एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की तरफ से स्थिति स्पष्ट की गई है। स्पोर्ट्स मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टूर्नामेंट को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते एसीसी ने बीसीसीआई को एक पत्र लिखा है, जिसमें टूर्नामेंट के शेड्यूल को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की गई है।


एसीसी का कहना है कि इस देरी से टूर्नामेंट के प्रायोजकों और मीडिया पार्टनर्स की चिंता बढ़ गई है। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जुलाई के पहले सप्ताह में एक बैठक आयोजित कर शेड्यूल की घोषणा की जाए, ताकि विपणन और प्रचार से जुड़ी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सके।


एशिया कप 2025: यूएई में संभावित आयोजन

एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एशिया कप 2025 का आयोजन भारत में न होकर यूएई में किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट 5 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा। इसमें 17 दिनों के भीतर कुल 13 मुकाबले खेले जा सकते हैं, जिनमें ग्रुप स्टेज और सुपर फोर मुकाबले शामिल होंगे।

सबसे बड़ा आकर्षण 7 सितंबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला होगा। अगर दोनों टीमें सुपर फोर में पहुंचती हैं, तो उनके बीच एक और टक्कर देखी जा सकती है। इस लिहाज से फैंस को कम से कम दो बार भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला देखने को मिल सकता है।


सुपर फोर्स फॉर्मेट में खेला जाएगा टूर्नामेंट

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार एशिया कप सुपर फोर्स फॉर्मेट में खेला जाएगा। इस प्रारूप में सभी टीमें पहले ग्रुप स्टेज में खेलेंगी और उसके बाद टॉप चार टीमें सुपर फोर में पहुंचेंगी। इस फॉर्मेट को पिछले कुछ वर्षों में भी सफलतापूर्वक अपनाया गया है, जिससे रोमांचक मुकाबलों की संभावना बढ़ जाती है।

इस बार टूर्नामेंट ट्वेंटी-20 फॉर्मेट में होगा, क्योंकि 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के तहत इसे इसी फॉर्मेट में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि सभी टीमें वर्ल्ड कप से पहले इस प्रारूप में अपनी रणनीति को परख सकें।

सोनी स्पोर्ट्स का प्रोमो और सवाल

दिलचस्प बात यह है कि भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान आधिकारिक ब्रॉडकास्टर सोनी स्पोर्ट्स ने एशिया कप का प्रोमो जारी किया था। इस प्रोमो में टूर्नामेंट की पुष्टि तो होती है, लेकिन पोस्टर से पाकिस्तान के कप्तान की तस्वीर गायब थी। इससे यह अटकलें और भी गहरा गईं कि शायद पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में हिस्सा न ले।

हालांकि, यह भी संभव है कि यह केवल प्रचार सामग्री का एक हिस्सा हो, और अंतिम निर्णय टूर्नामेंट की बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन यह साफ है कि बीसीसीआई और पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के बीच कोई ठोस संवाद अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।

आगामी वर्षों में मेजबानी का बंटवारा

जानकारी के मुताबिक, एशियन क्रिकेट काउंसिल ने अगले कुछ वर्षों के एशिया कप की मेजबानी के लिए योजना भी तैयार की है। 2027 का एशिया कप वनडे फॉर्मेट में होगा, जबकि 2029 और 2031 के टूर्नामेंट क्रमशः टी-20 और फिर वनडे फॉर्मेट में खेले जाएंगे। बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका को मेजबानी दी जा सकती है।

एशिया कप की राह अभी भी कठिन

एशिया कप भारतीय उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ा टूर्नामेंट है। खासकर भारत और पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह होता है। लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते इस बार आयोजन को लेकर स्थिति काफी उलझी हुई है।

भविष्य में होने वाली एसीसी और बीसीसीआई की बैठकें यह तय करेंगी कि टूर्नामेंट कब और कहां होगा, और कौन-कौन सी टीमें इसमें भाग लेंगी। फिलहाल सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

Editorial

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