नई दिल्ली, जुलाई 2025:
देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके से एक ऐसा खौफनाक मर्डर केस सामने आया है, जिसे सुनकर रिश्तों पर से भरोसा उठ जाए। यहां एक महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी। हत्या को करंट लगने का हादसा बताकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन एक गलती ने पूरे षड्यंत्र की पोल खोल दी – और वो थी व्हाट्सऐप चैट।


पति की ‘करंट से मौत’ – या हत्या?

दक्षिण पश्चिम दिल्ली के द्वारका इलाके में 13 जुलाई को 35 वर्षीय करण देव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी पत्नी सुष्मिता देवी ने पुलिस और परिवार वालों को बताया कि करण को करंट लग गया, जिससे वह बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सुष्मिता और उसके देवर राहुल देव ने तुरंत पोस्टमार्टम का विरोध किया। यही बात करण के परिवार वालों को खटक गई और उन्होंने पुलिस से गहन जांच की मांग की।



मोबाइल चैट से खुली साजिश

करण का छोटा भाई कुनाल, जो घटना के बाद परिवार के साथ ही था, को सुष्मिता के मोबाइल में कुछ चौंकाने वाले चैट्स मिले। यह चैट उसके देवर राहुल और उसकी पत्नी सुष्मिता के बीच थी – जिसमें हत्या की पूरी योजना तैयार की जा रही थी।

इन चैट्स में दोनों ने करण को धीमे-धीमे मारने की कोशिश की थी – पहले दवाओं के ओवरडोज़ से, और फिर इलेक्ट्रिक शॉक देने की बात भी हुई।




देवर-भाभी की चैट्स – हत्या की पूरी कहानी:

सुष्मिता: देखो दवा खाकर मरने में कितना टाइम लगता है. तीन घंटे हो गए, न उल्टी हो रही है, न पॉटी, कुछ नहीं. मरा भी नहीं है।


राहुल: अगर कुछ और समझ नहीं आ रहा, तो करंट दे दो।


सुष्मिता: कैसे बांधूं उसे करंट देने के लिए?


राहुल: टेप से बांधो।


सुष्मिता: सांस बहुत धीरे चल रही है।


राहुल: जितनी दवा है सब दे दो।


सुष्मिता: मुंह नहीं खुल रहा, पानी डाल सकती हूँ, पर दवा नहीं दे पा रही. तुम आ जाओ, मिलकर कोशिश करते हैं।




पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

जब ये चैट्स पुलिस को सौंपे गए, तो उन्होंने तुरंत सुष्मिता देवी और राहुल देव को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पता चला कि सुष्मिता और राहुल के बीच काफी समय से अवैध संबंध थे और करण उनके रिश्ते में बाधा बन गया था।

इसी वजह से दोनों ने मिलकर करण को धीरे-धीरे मारने की योजना बनाई – ताकि किसी को शक न हो और हत्या को नेचुरल डेथ या करंट लगने की दुर्घटना की तरह पेश किया जा सके।



परिवार का आरोप: पहले से था शक

करण के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें पहले से सुष्मिता और राहुल के व्यवहार पर शक था। उन्होंने बताया कि करण अक्सर सुष्मिता से परेशान रहता था लेकिन किसी से खुलकर अपनी बात नहीं कहता था।



यह सिर्फ हत्या नहीं, रिश्तों की सबसे डरावनी शक्ल है

एक तरफ जहां सुष्मिता और राहुल ने अपने ही परिवार के एक सदस्य की जान ले ली, वहीं दूसरी ओर उन्होंने समाज को यह भी दिखा दिया कि पैसे, लालच या अवैध रिश्तों के आगे कभी-कभी रिश्ते भी कुर्बान कर दिए जाते हैं।



Editorial

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