महाराष्ट्र, 18 जुलाई 2025 –
भारतीय रेलवे में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने पुणताम्बा-साईनगर शिरडी रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। कुल 239.80 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 16.50 किलोमीटर लंबी है और इसका उद्देश्य भारत के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों – शिरडी और नासिक के बीच रेल संपर्क को सुदृढ़ बनाना है।


दोहरीकरण से बढ़ेगी लाइन की क्षमता

यह दोहरीकरण कार्य 2024-25 के मल्टी-ट्रैकिंग अम्ब्रेला कार्य के तहत स्वीकृत किया गया है, जिसका उद्देश्य रेलवे बुनियादी ढांचे की क्षमता में वृद्धि करना और यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार लाना है। वर्तमान में, पुणताम्बा-साईनगर शिरडी खंड की लोडिंग क्षमता मात्र 19.66% ही उपयोग में आ रही है, लेकिन निकट भविष्य में इसके बढ़कर 79.70% तक पहुंचने की आशंका है। इस प्रकार, समय रहते इस खंड का दोहरीकरण भविष्य की बढ़ती मांग को कुशलता से संभालने के लिए अत्यंत आवश्यक है।


कुशल व समर्पित धार्मिक यात्रा को मिलेगा बल

श्री साईंबाबा मंदिर में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु देशभर से दर्शन के लिए आते हैं। वर्तमान में पुणताम्बा और साईनगर शिरडी रेलवे स्टेशनों के बीच पहले से ही रेल मार्ग उपलब्ध है, जिस पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनें संचालित हो रही हैं। दोहरीकरण से इन ट्रेनों की संख्या और उनकी समयपालनता में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।


रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा,

“यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिरडी आने वाले श्रद्धालुओं को अब बेहतर और सुविधाजनक रेल सेवाएं मिलेंगी और क्षेत्रीय व्यापार, कृषि तथा छात्र समुदाय को भी इससे व्यापक लाभ पहुंचेगा।”



समग्र क्षेत्रीय विकास की दिशा में नया कदम

यह परियोजना न केवल तीर्थयात्रियों को लाभान्वित करेगी, बल्कि अहमदनगर, पुणताम्बा, शिरडी और नासिक रोड जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस लाइन के माध्यम से पुणे-नासिक नई कनेक्टिविटी के लिए भी एक अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी। इस मार्ग का अंतिम स्थान सर्वेक्षण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे यह मार्ग एक नए रेल कॉरिडोर (corridor) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इससे क्षेत्रीय व्यापार को भी बल मिलेगा, विशेष रूप से किसानों और कृषि उत्पादकों के लिए यह परियोजना एक लाइफलाइन साबित हो सकती है। रेलवे लाइन के दोहरीकरण से माल गाड़ियों की आवाजाही भी सुगम होगी, जिससे कृषि, डेयरी, बागवानी और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान और सस्ता हो सकेगा।



रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

निर्माण कार्य की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, यात्री सुविधाओं में सुधार से क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



Editorial

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