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क्यों बंद हो रहे हैं लोगों के आधार; UIDAI का खुलासा!
By EditorialPublished on
आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI ने एक नई सुविधा की शुरुआत की है, जिससे परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की जानकारी अब सीधे myAadhaar पोर्टल पर दी जा सकती है। यह सेवा फिलहाल 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की गई है। इसका नाम है Reporting of Death of a Family Member, जिसका उद्देश्य है मृत्यु के बाद व्यक्ति के आधार डेटा को अपडेट करना और फर्जीवाड़े को रोकना। UIDAI की यह डिजिटल सुविधा आधार प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अब तक 1.17 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर को डीएक्टिवेट कर दिया है। यह फैसला उन व्यक्तियों के आधार नंबरों को निष्क्रिय करने के लिए लिया गया है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, ताकि उनके पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल न हो सके।
'Reporting of Death of a Family Member' सेवा शुरू :
UIDAI ने 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में myAadhaar पोर्टल पर एक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है, जिसका नाम है 'Reporting of Death of a Family Member'। इस सेवा के ज़रिए परिवार के सदस्य किसी मृत व्यक्ति की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं, ताकि उसका आधार नंबर समय रहते डीएक्टिवेट किया जा सके।
जानकारी कैसे दी जाएगी ?
सेवा का उपयोग करते समय मृतक के परिवार के सदस्य को:
- मृतक के आधार नंबर
- मृत्यु पंजीकरण नंबर
- मृतक से संबंध का प्रमाण
देना होगा। इसके बाद UIDAI उस जानकारी का वेरिफिकेशन करेगा और फिर आधार नंबर को डीएक्टिवेट करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
डेटा साझा कर रही है सरकारें :
UIDAI ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत उसने रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) और सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के ज़रिए लगभग 1.55 करोड़ डेथ रिकॉर्ड्स प्राप्त किए हैं। वेरिफिकेशन के बाद इनमें से 1.17 करोड़ आधार नंबर को डीएक्टिवेट कर दिया गया है, जबकि लगभग 6.7 लाख रिकॉर्ड्स की जांच अभी चल रही है।
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राज्य सरकारों की मदद से हो रहा वेरिफिकेशन :
UIDAI राज्य सरकारों के साथ मिलकर भी इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 100 वर्ष से अधिक उम्र वाले आधार धारकों की जानकारी राज्य सरकारों को दी जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वे जीवित हैं या नहीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही UIDAI आधार नंबर को निष्क्रिय करता है।
क्यों ज़रूरी है यह कदम ?
इस पहल का उद्देश्य आधार डेटाबेस को सटीक और अद्यतन बनाए रखना है, ताकि मृत लोगों की पहचान का दुरुपयोग न हो। यह कदम देश में डिजिटल पहचान प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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