Air India क्रैश में खुलासा; पायलट ने ही बिगाड़ा खेल!
गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हादसे से पहले विमान के कॉकपिट रिकॉर्डिंग में यह संकेत मिले हैं कि उड़ान भरने के तुरंत बाद पायलट ने इंजन का फ्यूल बंद कर दिया था। यह दावा विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एआईआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के हवाले से किया गया है।
कैप्टन की शांत प्रतिक्रिया और फर्स्ट ऑफिसर की घबराहट :
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पहले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाने वाले फर्स्ट ऑफिसर ने हैरानी जताते हुए पूछा था कि कैप्टन ने स्विच को 'कटऑफ' पोजिशन में क्यों किया। इस पर कैप्टन शांत रहे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर घबरा गए। हादसे में कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने और दुर्घटना के बीच केवल 32 सेकंड का समय था।
सरकार और पायलट यूनियन ने दी प्रतिक्रिया :
हालाँकि, भारत सरकार और पायलट संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने कहा कि यह रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना अनुचित होगा।
एफआईपी के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने भी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को "निराधार" बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि पायलटों ने जानबूझकर या गलती से फ्यूल कटऑफ स्विच बंद किया था। उन्होंने मामले में मीडिया की जिम्मेदारी और सावधानी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
भी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
क्या कहती है रिपोर्ट ?
वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा है कि विमान के दोनों इंजन कुछ ही क्षणों के भीतर बंद हो गए थे, जिससे विमान क्रैश हो गया। हालांकि, रिपोर्ट इस बात को स्पष्ट नहीं करती कि यह चूक थी या कोई तकनीकी समस्या।
निष्कर्ष से पहले संयम ज़रूरी :
यह मामला अब गंभीर बहस का विषय बन गया है—क्या यह मानवीय भूल थी, तकनीकी गड़बड़ी, या कुछ और? जब तक अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा।
Editorial

Editorial

Next Story