PAK मीडिया की ग़लत ख़बर ने करवा दी इंटरनेशनल बेइज्जती
इस्लामाबाद नहीं, लंदन जाएंगे ट्रंप !
पाकिस्तानी मीडिया एक बार फिर झूठी खबरें फैलाने के मामले में रंगे हाथों पकड़ी गई है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रमुख चैनल समा टीवी और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सितंबर में पाकिस्तान के दौरे पर आ रहे हैं। लेकिन अब खुलासा हुआ है कि ट्रंप का दौरा ब्रिटेन का है, न कि पाकिस्तान का।
क्या है सच्चाई ?
ब्रिटेन की महारानी कैमिला ने 14 जुलाई को पुष्टि की कि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप 17 से 19 सितंबर के बीच राजकीय दौरे पर यूनाइटेड किंगडम आएंगे। किंग चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला विंडसर कैसल में उनका स्वागत करेंगे। ट्रंप ने इस आमंत्रण को अपने लिए "सम्मान की बात" बताया है।
व्हाइट हाउस की चुप्पी और पाक का झूठ :
इस दावे को लेकर व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया ने झूठी रिपोर्टिंग कर दुनिया भर में फजीहत करा ली। यह पहली बार नहीं है जब पाक मीडिया इस तरह की फेक न्यूज फैलाते हुए पकड़ा गया हो।
19 साल से कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान नहीं गया :
गौरतलब है कि पाकिस्तान में आखिरी बार 2006 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दौरा किया था। उसके बाद से किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की सरजमीं पर कदम नहीं रखा है। इसके उलट ट्रंप का यह ब्रिटेन दौरा उनके पहले कार्यकाल (2019) के बाद दूसरा दौरा होगा।
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नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश तक कर दी !
पिछले महीने ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मेजबानी की थी। इस एक मुलाकात के बाद पाकिस्तान ने ट्रंप के नाम की नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश कर दी एक ऐसा दावा जिसने पूरी दुनिया में मजाक का विषय बना दिया।

फेक न्यूज का पुराना इतिहास :
चाहे बात ऑपरेशन सिंदूर के बाद की हो या भारत-पाक सैन्य टकराव के समय की, पाकिस्तानी मीडिया और वहां की सरकार कई बार गुमराह करने वाले दावों और बेतुकी खबरों के लिए बदनाम रही है। इस बार ट्रंप दौरे की झूठी रिपोर्टिंग ने पाकिस्तान की मीडिया की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
Editorial

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