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कल 'ऑफर', आज मुलाकात; महाराष्ट्र में बड़ा राजनितिक खेल
By EditorialPublished on 17 July 2025 5:30 AM IST
CM फडणवीस से मिले उद्धव ठाकरे, 20 मिनट की मुलाकात में उठे अहम मुद्दे महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तब तेज हो गई जब शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कुछ अहम मसलों पर चर्चा हुई। ठाकरे ने सीएम फडणवीस को 'हिंदी की ज़बरदस्ती आखिर क्यों?' नामक पुस्तक भी भेंट की, जिससे मुलाकात का सांस्कृतिक और राजनीतिक संकेत भी देखा जा रहा है। मुलाकात के समय ठाकरे के साथ कुछ विधायक भी मौजूद थे, जिससे अटक
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महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार (17 जुलाई) को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विधानसभा भवन में मुलाकात की। इस मीटिंग में ठाकरे के साथ उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे सहित कुछ अन्य विधायक भी मौजूद थे। यह मुलाकात विधानसभा के अंटी-चेंबर में करीब 20 मिनट तक चली और इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
भाषा विवाद और 'हिंदी की ज़बरदस्ती' पर चर्चा :
मुलाकात के दौरान उद्धव ठाकरे ने सीएम फडणवीस को ‘हिंदी की ज़बरदस्ती आखिर क्यों?’ नामक पुस्तक भेंट की। यह किताब राज्य में बढ़ते हिंदी भाषा के प्रभाव और मराठी भाषा को लेकर जारी चिंता के संदर्भ में दी गई। इस पर फडणवीस ने सुझाव दिया कि इस पुस्तक को त्रिभाषा समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जाधव को भी दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर ठाकरे और फडणवीस के बीच त्रिभाषा सूत्र और भाषाई अनिवार्यता को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर नाराज़गी :
इस मुलाकात का एक बड़ा उद्देश्य था विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर चर्चा। अभी तक यह पद शिवसेना (UBT) को नहीं दिया गया है, जबकि ठाकरे गुट विधानसभा में एक मजबूत विपक्षी ताकत के रूप में मौजूद है। ठाकरे और आदित्य ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी नाराज़गी जताई और औपचारिक मान्यता की मांग दोहराई।
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फडणवीस का ‘साथ आने’ का ऑफर और राजनीति के मायने :
दिलचस्प बात यह रही कि इससे ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में ठाकरे गुट को ‘साथ आने’ का ऑफर भी दिया था। उन्होंने कहा था, "2029 तक तो कोई स्कोप नहीं है, लेकिन उद्धवजी, आपको यहां शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।" इस टिप्पणी को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश किया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे गंभीर संभावनाओं की आहट के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस ऑफर पर जब उद्धव ठाकरे से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "जाने दीजिए, ये सब हंसी मजाक की बातें हैं।" लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी भाषा विवाद के चलते हाल ही में राज ठाकरे के साथ मिलकर शिवसेना (UBT) की हुई संयुक्त रैली और अब CM से ये मुलाकात एक बड़े सियासी बदलाव की ओर इशारा कर सकती है।
राजनीतिक संकेत चाहे जैसे भी हों, लेकिन उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई यह मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं बल्कि गंभीर रणनीतिक बातचीत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति, भाषा नीति, और गठबंधन समीकरणों को लेकर हलचल और बढ़ सकती है।

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