1 रुपये से 5616% उछाल; इस शेयर ने बदल दी किस्मत
कभी अपने उच्चतम स्तर से 99% तक गिरकर 1.13 रुपये पर पहुंच चुका रिलायंस पावर का शेयर अब एक बार फिर सुर्खियों में है। गुरुवार को इस शेयर में हल्की गिरावट देखी गई, जब बीएसई पर यह 1.6% गिरकर 65 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह बनी कंपनी द्वारा 6000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना, जिसे कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

6000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना :
रिलायंस पावर के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) और अन्य तरीकों से पूंजी जुटाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी 3,000 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) भी प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी कर सकती है। यह रकम कंपनी के विस्तार, पुनर्गठन और नए प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
शेयर का उतार-चढ़ाव: रोलरकोस्टर से कम नहीं :
रिलायंस पावर का शेयर साल 2008 में लगभग 260.78 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन 27 मार्च 2020 को यह 99% टूटकर सिर्फ 1.13 रुपये रह गया। उस वक्त कंपनी पर कर्ज का बोझ, बिजनेस में गिरावट और बाजार में भरोसे की कमी ने इसे लगभग डूबने की कगार पर पहुंचा दिया था।
मगर बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने तेजी से रिकवरी की और आज वही शेयर 5616% तक की छलांग लगाकर निवेशकों के लिए एक मल्टीबैगर स्टॉक बन चुका है।

अनिल अंबानी की वापसी की कहानी :
कभी भारत के सबसे अमीर और दुनिया के छठे सबसे धनी व्यक्ति रहे अनिल अंबानी की हालत 2020 तक इतनी खराब हो चुकी थी कि उन्हें ब्रिटेन की एक अदालत में दिवालिया घोषित कर दिया गया था। उनकी संपत्ति उस वक्त लगभग शून्य के करीब पहुंच गई थी। लेकिन अब, 6 जून 2025 तक उनकी कुल संपत्ति 3 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है।
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क्या फिर से बनेगा विश्वास ?
रिलायंस पावर ने बीते कुछ सालों में कई नए करार, स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट्स, और ऋण पुनर्गठन योजनाओं के जरिए अपनी साख फिर से मजबूत की है। हालांकि, शेयर की मौजूदा गिरावट बाजार में फंड रेजिंग को लेकर निवेशकों की सतर्कता को भी दिखाती है।

जोखिम भी, रिटर्न भी :
रिलायंस पावर का सफर किसी रोलरकोस्टर राइड से कम नहीं रहा — कभी गिरावट की गहराई, तो कभी रिटर्न की ऊंचाई। अब देखना होगा कि कंपनी की 6000 करोड़ की फंड जुटाने की योजना बाजार में कितनी पॉजिटिव प्रतिक्रिया लाती है और क्या निवेशक इस शेयर पर फिर से भरोसा जताते हैं।
Editorial

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