खाद माँगने पहुँचे किसान, मिली लाठियाँ – लखीमपुर में पुलिस की बर्बरता
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक बार फिर प्रशासन की बेरुखी और पुलिस की बर्बरता ने किसानों को झकझोर कर रख दिया है। जनपद के फरधान क्षेत्र में स्थित भदुरा सहकारी समिति पर खाद के लिए लंबी कतारों में लगे किसानों को उस समय पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा, जब वे घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने पर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध है।


उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक बार फिर प्रशासन की बेरुखी और पुलिस की बर्बरता ने किसानों को झकझोर कर रख दिया है। जनपद के फरधान क्षेत्र में स्थित भदुरा सहकारी समिति पर खाद के लिए लंबी कतारों में लगे किसानों को उस समय पुलिस की ला� ियों का सामना करना पड़ा, जब वे घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने पर सड़क पर धरने पर बै� गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध है।
खाद के लिए सुबह से लगी थी लंबी कतार
घटना बुधवार सुबह की है, जब फरधान क्षेत्र के भदुरा सहकारी समिति पर बड़ी संख्या में किसान खाद के लिए पहुंचे थे। कुछ किसान तो तड़के ही लाइन में लग गए थे ताकि समय पर खाद मिल सके। खेतों में बोवनी का समय चल रहा है और ऐसे में खाद की जरूरत अत्यंत आवश्यक है। लेकिन किसान जब दोपहर तक लाइन में खड़े रहे और खाद नहीं मिली, तो आक्रोशित होकर उन्होंने समिति के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
किसान हुए नाराज़, पुलिस ने दिखाई ताकत
जैसे ही किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को लेकर सड़क पर बै� कर धरना देना शुरू किया, प्रशासन हरकत में आया। लेकिन प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखाने की बजाय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को हटाने के लिए ला� ीचार्ज शुरू कर दिया। कई किसानों पर बर्बरता से ला� ियां बरसाई गईं। खास बात यह रही कि इस हिंसा की चपेट में महिलाएं और बुजुर्ग किसान भी आ गए, जिन्हें निर्दयता से पीटा गया।
"हक़ माँगने पर मिले ज़ुल्म के निशान"
किसानों का कहना है कि वे कोई उपद्रवी नहीं हैं, वे तो सिर्फ अपनी फसल के लिए जरूरी खाद की मांग कर रहे थे। लेकिन सरकार और प्रशासन ने उन्हें अपराधी समझ लिया। एक बुजुर्ग किसान की आंखों में आंसू थे, जब उन्होंने कहा ? ?हम तो गेहूं बोने के लिए खाद लेने आए थे, लेकिन यहां तो हमें हमारी ही ज़मीन पर पीटा जा रहा है।?
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वीडियो वायरल, जनता में आक्रोश
इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिस कर्मी किसानों पर ला� ियां बरसा रहे हैं, महिलाएं चीख रही हैं, बुजुर्ग गिर चुके हैं लेकिन डंडे रुक नहीं रहे।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उ� रहे हैं। विपक्षी दलों और किसान संग� नों ने इस घटना की निंदा करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
प्रशासन की चुप्पी, किसान संग� नों की चेतावनी
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं किसान संग� नों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के एक स्थानीय नेता ने कहा ? ?सरकार को जवाब देना होगा कि खाद मांगने पर किसानों पर ला� ियां क्यों बरसीं??
लखीमपुर खीरी की यह घटना सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के किसानों की हालत को उजागर करती है। जब एक किसान, जो देश का अन्नदाता है, अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है तो उसे ला� ियों से जवाब दिया जाता है। यह प्रशासनिक असंवेदनशीलता और सरकारी तंत्र की विफलता का प्रतीक है।
अब देश को यह तय करना होगा कि वह अपने किसानों को सम्मान देगा या उन्हें दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग करता रहेगा। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई किसान अपने हक की मांग करने पर हिंसा का शिकार न हो।

