धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग हादसे में अहमदाबाद के युवक की मौत, अवैध टेकऑफ साइट बना कारण
धर्मशाला के समीप स्थित बनकोटू पैराग्लाइडिंग साइट एक बार फिर हादसे का गवाह बनी, जब 25 वर्षीय सतीश राजेशभाई, जो गुजरात के अहमदाबाद से घूमने आए थे, पैराग्लाइडिंग के दौरान खाई में गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने न केवल प्रशासन को बल्कि पर्यटन प्रेमियों को भी झकझोर कर रख दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह हादसा एक अवैध टेकऑफ साइट पर हुआ, जिसे पहले ही स्थानीय प्रशासन ने असुरक्षित घोषित कर रखा था। बावजूद इसके, वहां से उड़ान भरने की अनुमति न होने के बावजूद गतिविधियाँ जारी थीं।


धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला के समीप स्थित बनकोटू पैराग्लाइडिंग साइट एक बार फिर हादसे का गवाह बनी, जब 25 वर्षीय सतीश राजेशभाई, जो गुजरात के अहमदाबाद से घूमने आए थे, पैराग्लाइडिंग के दौरान खाई में गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना ने न केवल प्रशासन को बल्कि पर्यटन प्रेमियों को भी झकझोर कर रख दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह हादसा एक अवैध टेकऑफ साइट पर हुआ, जिसे पहले ही स्थानीय प्रशासन ने असुरक्षित घोषित कर रखा था। बावजूद इसके, वहां से उड़ान भरने की अनुमति न होने के बावजूद गतिविधियाँ जारी थीं।
क्या हुआ हादसे में?
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण टेकऑफ के दौरान ग्लाइडर फिसल गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और सतीश नीचे गहरी खाई में गिर गए। वहां मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और शव को बाहर निकाला गया।
लगातार बढ़ते हादसे
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में पैराग्लाइडिंग से जुड़े हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। चाहे वह बीर-बिलिंग हो, सोलंग घाटी या अब बनकोटू – पर्यटक रोमांच की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी-कभी जान पर भारी पड़ जाती है।
सवाल उठते हैं...
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प्रशासन ने जब इस टेकऑफ साइट को असुरक्षित घोषित कर दिया था, तो वहां गतिविधियाँ क्यों चल रही थीं?
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स्थानीय एजेंसियों पर कोई निगरानी क्यों नहीं?
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क्या पर्यटकों को पूरी जानकारी दी जा रही है कि वे कहां से उड़ान भर रहे हैं?
एडवेंचर या जान का सौदा?
ऐसे हादसे यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या ‘एडवेंचर टूरिज्म’ के नाम पर सैलानियों की ज़िंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है? सुरक्षा उपायों की अनदेखी, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और अवैध संचालन के चलते अब पैराग्लाइडिंग जैसे खेल खतरे का पर्याय बनते जा रहे हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
अहमदाबाद में सतीश के घर मातम पसरा हुआ है। उनका कहना है कि वे घूमने और खुशियाँ मनाने हिमाचल गए थे, पर अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

