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मुलुंड यार्ड में चोरी नाकाम; सतर्क पॉइंट्समैन ने पकड़ा चोर
By EditorialPublished on
रेलवे का रियल हीरो! पॉइंट्समैन सुधीर प्रजापति ने दिखाई बहादुरी, चोर को रंगे हाथों दबोचा मध्य रेल के मुंबई मंडल स्थित न्यू मुलुंड गुड्स शेड (एनजीएसएम) में तैनात सहायक पॉइंट्समैन श्री सुधीर प्रजापति ने अदम्य साहस और सतर्कता का परिचय देते हुए एक बड़ी चोरी की वारदात को नाकाम कर दिया। 14 जुलाई को एक संदिग्ध व्यक्ति को ट्रेन के डिब्बे में देखकर न सिर्फ उन्होंने तुरंत कार्रवाई की, बल्कि अपने साथी की मदद से पीछा कर चोर को रंगे हाथों पकड़ भी लिया। यह घटना न सिर्फ रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में भरोसा जगाती है, बल्क

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मध्य रेल के मुंबई मंडल स्थित न्यू मुलुंड गुड्स शेड (एनजीएसएम) में सोमवार, 14 जुलाई 2025 को एक बड़ी चोरी की वारदात होते-होते टल गई, जब सहायक पॉइंट्समैन श्री सुधीर प्रजापति की सतर्कता और साहस ने रेलवे की संपत्ति को बचा लिया और एक चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
कैसे पकड़ा गया चोर ?
घटना शाम करीब 5:05 बजे की है, जब अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11016) को ठाणे स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट करने के बाद न्यू मुलुंड गुड्स शेड यार्ड में स्टेबलिंग के लिए लाया गया था। ट्रेन को आरडी लाइन संख्या 2 पर खड़ा किया गया था। सहायक पॉइंट्समैन श्री प्रजापति, जो ड्यूटी पर तैनात थे, ट्रेन के मुंबई छोर की ओर लकड़ी के वेज और सुरक्षा जंजीरें लगाने के लिए गए थे।
जैसे ही वे एसएलआर कोच (CR-256034) में चढ़े, उन्होंने एक अजनबी को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा। जब उन्होंने उससे पूछताछ की, तो वह व्यक्ति अचानक श्री प्रजापति को धक्का देकर भागने लगा। लेकिन श्री प्रजापति ने तत्काल अपनी सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए ड्यूटी पर मौजूद अपने सहकर्मी ट्रेन क्लर्क श्री सुनील पाटिल को सूचित किया और दोनों ने मिलकर पीछा कर उस चोर को कुछ ही दूरी पर कल्याण छोर की ओर पकड़ लिया।
रेल संपत्ति की बचत, अपराधी गिरफ्तार :
चोरी का सामान आरोपी के पास से बरामद कर लिया गया और उसे यार्ड के उप-मुख्य यार्ड मास्टर की निगरानी में रखा गया। बाद में आरोपी को एनजीएसएम यार्ड में मौजूद आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के कर्मियों को सौंप दिया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
21 महीने पहले ही रेलवे में शामिल हुए थे सुधीर :
महज 21 महीने पहले रेलवे सेवा में शामिल हुए श्री सुधीर प्रजापति ने इस घटना में जो साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनका यह कदम न सिर्फ रेलवे की संपत्ति की रक्षा करता है, बल्कि यह हर रेलकर्मी के लिए प्रेरणा भी है कि कर्तव्य से आगे बढ़कर सतर्कता और सेवा भाव किस तरह निभाया जा सकता है।
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मध्य रेल को गर्व ;
मध्य रेल प्रशासन ने श्री प्रजापति की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि उन्हें जैसे कर्मठ और जिम्मेदार कर्मचारियों पर रेलवे को गर्व है। ऐसे कर्मी रेलवे और आम जनता के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करते हैं।

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