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मुंबई। सोने पर लगे हॉलमार्क यूनिक आईडी (एचयूआईडी) नंबर ने पुलिस को एक ऐसी ठगी का खुलासा करने में मदद की, जिसमें दो ठगों ने नकली गोल्ड लोन योजना के नाम पर एक जूलर से 6 लाख रुपये की ठगी की थी।
घटना 22 जून को अंधेरी पूर्व के चकाला इलाके में हुई। फरहान नसीबदार शाह और उसका साथी परवेज शाह एक जूलर की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे। दोनों ने योजना बताई कि वे पहले से गिरवी रखे सोने का लोन ट्रांसफर कराना चाहते हैं। भरोसा जीतने के लिए फरहान ने जूलर को दो सोने की अंगूठियां सौंपीं, जिन पर हॉलमार्क यूआईडी नंबर मौजूद था और वादा किया कि 6 लाख रु. के बदले बाकी सोना बाद में जमा कर देंगे। जूलर को योजना सही लगी और उसने रकम दे दी, लेकिन बाद में दोनों फरार हो गए।
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो यही हॉलमार्क यूआईडी नंबर निर्णायक सबूत बना। यह नंबर हर हॉलमार्क वाले गहने पर दर्ज होता है और बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा जारी किया गया होता है। पुलिस ने यूआईडी के जरिए इन अंगूठियों की खरीद की जानकारी निकाली और पता चला कि इन्हें परवेज शाह ने मुंबई के कुर्ला स्थित एक जूलरी स्टोर से खरीदा था। इससे फरहान शाह का सुराग मिला जिसे गिरफ्तार कर लिया गया और उससे 6 लाख रुपये बरामद कर लिए गए।
परवेज शाह अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस उपायुक्त दत्तात्रय नलावडे और वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मछिंद्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
क्या है हॉलमार्क यूआईडी नंबर?
हर हॉलमार्क वाले सोने के गहने पर एक 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (यूआईडी) अंकित होता है, जो उस गहने की शुद्धता, निर्माणकर्ता और बिक्री की जानकारी देता है। इससे गहनों की सत्यता और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होती है।
इस मामले ने दिखा दिया कि हॉलमार्क यूआईडी नंबर सिर्फ गुणवत्ता की गारंटी ही नहीं है, बल्कि यह ठगी पकड़ने का सशक्त उपकरण भी बन चुका है।
Editorial

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