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मुंबई। मेवाड़ संघ मुंबई के तत्वावधान में एवं श्रमण संघीय साध्वी विजयलता मसा, प्रजाश्री मसा, पुण्याश्री मसा के सानिध्य में मेवाड़ गुरु परंपरा के पांचवें आचार्य एकलिंग दास मसा की स्मृति में सामायिक सभा का आयोजन किया गया। आयोजन में उनके जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए धार्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी गई। साध्वी विजयलता मसा ने कहा कि एकलिंग दास मसा मेवाड़ परंपरा के महान संतों में से एक थे। उन्होंने धर्म को जीवन का मूल आधार मानते हुए साधना और सेवा का मार्ग अपनाया। उन्होंने श्रावक समाज को यह शिक्षा दी कि यदि भवचक्र से छुटकारा पाना है, तो ईश्वर की शरण में आना आवश्यक है। ईश्वर को बाहर नहीं, अपने भीतर अनुभव करने की बात उन्होंने कही, जो आज भी प्रासंगिक है। संघ अध्यक्ष भेरूलाल लोढ़ा एवं कोषाध्यक्ष फूलचंद नाहर के नेतृत्व में मेहमानों का स्वागत किया गया। शांतिलाल वडाला, लक्ष्मीलाल वडालमिया, विनोद चपलोत, महिला मंडल अध्यक्ष कंचन सिंघवी, नवयुवक मंडल मंत्री महावीर मादरेचा, कन्या मंडल अध्यक्ष रिया सियाल, मंत्री खुशी पगारिया, गोरेगांव संघ के भोलीलाल वडाला, कांतिलाल वडाला, हिम्मत कंठालिया, ख्यालीलाल वडाला, विनोद चपलोत, सुभाष सामर, दिनेश पगारिया, महेन्द्र बोहरा, मनोज सामर, प्रणाम मादरेचा, कृष्णा तलेसरा, सुरेश सिंघवी, नरेन्द्र डांगी, देवीलाल कागरेचा, बोहरा सहित भांडुप मुलुंड संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
Editorial

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