राजस्थान के राजसमंद ज़िले में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताज़ा मामला खमनोर थाना क्षेत्र के मचिंद गांव का है, जहां तेज बारिश के चलते जलसैलाब इतना बढ़ गया कि दो कारें मकान के बाहर से बहकर दूर जा गिरीं। यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।



🌧️ बारिश का तांडव: आधी रात से मचाई तबाही

शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे से राजसमंद जिले में तेज बारिश शुरू हुई, जो थमने का नाम नहीं ले रही। मचिंद गांव में हालात सबसे ज्यादा गंभीर देखे गए, जहां कुछ ही घंटों में सड़कों और घरों में पानी भर गया। बारिश इतनी तेज थी कि मकानों के बाहर खड़ी दो कारें — जिनमें से एक Swift Dzire थी — तेज बहाव में बह गईं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, Swift Dzire कार लगभग 100 मीटर दूर तक बहती चली गई, जबकि दूसरी कार का अता-पता काफी देर तक नहीं चल पाया। लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।




🚨 रातभर जगे लोग, डरे-सहमे ग्रामीण

घटना रात के समय हुई जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। जैसे ही पानी की आवाज़ और वाहनों के खिसकने की हलचल सुनाई दी, लोग जाग उठे। उन्होंने जब देखा कि कारें बह रही हैं, तो इलाके में हड़कंप मच गया। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को रातभर जागकर अपने सामान और परिवार की सुरक्षा करनी पड़ी।

लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालियों की सफाई नहीं की गई थी। नालियां पहले से ही जाम थीं, जिससे पानी का निकास नहीं हो सका और जलभराव तेज़ी से बढ़ता चला गया।



🛑 प्रशासन नदारद, खुद ही बचाव में जुटे ग्रामीण

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घटना के कई घंटे बाद तक भी प्रशासन की ओर से कोई राहत या जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची। न नगर निगम की टीम आई और न ही आपदा प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि दिखाई दिया। ग्रामीणों ने खुद ही बहती कारों को ढूंढ़ने और सुरक्षित करने का प्रयास किया।

स्थानीय निवासी रामप्रसाद ने बताया, "हमने नगर निगम को फोन किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पूरी रात हमने खुद अपने हाथों से नालियों का रुख बदलने की कोशिश की ताकि और नुकसान न हो।"



⚠️ भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी

राजसमंद जिला हर साल मानसून में बारिश से प्रभावित होता रहा है, लेकिन इस बार के हालात अधिक भयावह साबित हुए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए

  • बारिश से पहले नालियों की नियमित सफाई हो

  • आपदा प्रबंधन की टीमें हर समय सतर्क रहें

  • मचिंद जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा निगरानी बढ़ाई जाए




राजसमंद के मचिंद गांव की यह घटना केवल दो कारों के बहने की नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियां अभी भी अधूरी हैं। समय रहते चेतना जरूरी है, वरना अगली बार नुकसान केवल संपत्ति का नहीं, बल्कि जान का भी हो सकता है।

Editorial

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