162 कंपनियों की IPO लाइन; टारगेट 2.4 लाख करोड़
साल 2025 की दूसरी छमाही में भारत का आईपीओ बाजार अभूतपूर्व गर्मी का अनुभव करने जा रहा है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया से लेकर टाटा कैपिटल लिमिटेड जैसी करीब 162 कंपनियां शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। इन सभी का सामूहिक लक्ष्य लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपये जुटाने का है, जो अब तक की सबसे बड़ी सार्वजनिक पूंजी जुटाने की योजना मानी जा रही है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा, बाजार में लौटी स्थिरता :
मिडिल-ईस्ट में तनाव घटने और वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटने से निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूती से बना है। इसका सीधा असर भारत के प्राइमरी कैपिटल मार्केट पर भी देखने को मिल रहा है, जहां कंपनियां लिस्टिंग को लेकर पहले से कहीं अधिक सक्रिय हो गई हैं।
71 कंपनियों को मिल चुकी है सेबी की मंजूरी :
प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 के अंत तक 71 कंपनियां सेबी (SEBI) से आईपीओ लॉन्च की मंजूरी प्राप्त कर चुकी हैं। इनका लक्ष्य सामूहिक रूप से 1.14 लाख करोड़ रुपये जुटाना है। इनमें सबसे प्रमुख नाम एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का है, जिसका इश्यू साइज 15,000 करोड़ रुपये का है।
इसके अलावा डॉर्फ केटल केमिकल्स इंडिया और क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने 5,000-5,000 करोड़ रुपये, जबकि JSW सीमेंट और SMPP लिमिटेड ने 4,000-4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। हीरो फिनकॉर्प, NSDL, और कॉन्टिनम ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों ने भी 3,000 करोड़ रुपये से ऊपर के टारगेट रखे हैं।
एंथम बायोसाइंसेज का IPO आज से शुरू :
आईपीओ बाजार में हलचल को और तेज करते हुए एंथम बायोसाइंसेज लिमिटेड ने सोमवार, 14 जुलाई को 3,395 करोड़ रुपये का अपना इश्यू लॉन्च कर दिया है। यह इस सीज़न के प्रमुख आईपीओ में से एक माना जा रहा है।
90 कंपनियां सेबी की मंजूरी की प्रतीक्षा में :
इसके अलावा, अब तक 90 कंपनियों ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सेबी को जमा कर दिए हैं और उन्हें ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतजार है। इन सभी कंपनियों का सामूहिक लक्ष्य करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये जुटाने का है।
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टाटा कैपिटल का सबसे बड़ा इश्यू :
इस लिस्ट में टाटा कैपिटल लिमिटेड सबसे आगे है, जिसका आईपीओ इश्यू साइज 17,200 करोड़ रुपये का होगा। इसके अलावा मीशो लिमिटेड (4,250 करोड़), फिजिक्सवाला लिमिटेड (4,000 करोड़), ओर्कला इंडिया प्रा. लि. (3,200 करोड़), जुनिपर ग्रीन एनर्जी और टेनेको क्लीन एयर इंडिया लिमिटेड (प्रत्येक 3,000 करोड़) भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
साल 2025 की दूसरी छमाही भारत के आईपीओ इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। बढ़ते निवेशक विश्वास, बाजार की स्थिरता और कॉर्पोरेट्स की मजबूत रणनीति इस दिशा में स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि आगामी महीनों में पब्लिक मार्केट में बड़ा पूंजी प्रवाह देखने को मिलेगा।
Editorial

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