भीलवाड़ा, प्रात:काल संवाददाता।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक बार फिर एटीएम लूट की कोशिश ने पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार अलसुबह, महज 50 मिनट के अंतराल में दो जिलों में दो एटीएम लूटने की कोशिश की गई, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। हालांकि इन दोनों ही घटनाओं में बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन इस तरह की सुनियोजित घटनाएं पुलिस की कार्यशैली और एटीएम सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।


पहली वारदात: गुलाबपुरा में एटीएम लूट की कोशिश

सुबह करीब 5:20 बजे, भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा कस्बे में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को निशाना बनाया गया। बिना नंबर की बाइक पर दो बदमाश पहुंचे। एक बदमाश बाहर बाइक स्टार्ट करके खड़ा रहा जबकि दूसरा सीधे एटीएम के भीतर घुस गया और मशीन के अंदर की प्लेट खोलने लगा।

हालांकि, जैसे ही छेड़छाड़ शुरू हुई, बैंक के मुंबई स्थित कंट्रोल रूम में अलार्म बज गया, और तुरंत सूचना गुलाबपुरा थाने को दे दी गई। सूचना मिलते ही दीवान महेंद्र सिंह पुलिस जाब्ते सहित 5:40 बजे एटीएम पर पहुंचे, लेकिन तब तक बदमाश सतर्क हो चुके थे। पुलिस वाहन को आते देख दोनों ने बाइक स्टार्ट की और वहां से भाग निकले।

पुलिस ने पीछा किया, लेकिन बदमाश एक संकरी गली में घुस गए, जहां पुलिस वाहन प्रवेश नहीं कर सका। इसी का फायदा उठाकर वे सदर बाजार की ओर फरार हो गए। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, एक बदमाश मेहरून रंग की टीशर्ट पहने था। सौभाग्यवश, बदमाश एटीएम से कोई राशि नहीं ले जा सके। हालांकि, बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक कोई लिखित रिपोर्ट पुलिस को नहीं दी गई है।


दूसरी कोशिश: बिजयनगर में एसबीआई एटीएम निशाने पर

इससे ठीक 50 मिनट पहले, अजमेर जिले के बिजयनगर कस्बे के पीपली चौराहा स्थित एसबीआई एटीएम को भी इन्हीं बदमाशों ने निशाना बनाया था। घटना सुबह 4:30 बजे की बताई जा रही है। यहां भी बदमाश एटीएम मशीन को तोड़ने की कोशिश में लगे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इस स्थान पर भी कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जिससे बदमाशों को छेड़छाड़ करने में सुविधा हुई।


पुलिस की कार्यवाही और सुराग

दोनों ही जिलों की पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि बदमाश एटीएम के स्थानीय रास्तों से भली-भांति परिचित थे। उन्होंने भागने के लिए ऐसे मार्ग चुने जो संकरे और पुलिस वाहनों के लिए दुर्गम थे। इससे साफ है कि इन घटनाओं से पहले बदमाशों ने इलाके की रैकी (पूर्व सर्वेक्षण) की थी।


सुरक्षा में भारी चूक

पुलिस का कहना है कि गुलाबपुरा के बैंक ऑफ बड़ौदा और बिजयनगर के एसबीआई एटीएम दोनों पर सुरक्षा गार्ड नहीं थे। यही वजह रही कि बदमाशों ने इन्हीं एटीएम को निशाना बनाया। बैंकिंग सुरक्षा मानकों के अनुसार, रात के समय एटीएम पर सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी अनिवार्य मानी जाती है, लेकिन इन घटनाओं में यह व्यवस्था पूरी तरह नदारद रही।


गनीमत रही, नहीं लूट सके राशि

हालांकि एटीएम लूट की यह दोहरी कोशिश असफल रही, लेकिन अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो शायद दोनों एटीएम से बड़ी राशि लूटी जा सकती थी। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब संगठित तरीके से योजनाएं बना रहे हैं और बिना नंबर की गाड़ियों का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि पहचान न हो सके।


अब क्या?

भीलवाड़ा और बिजयनगर पुलिस दोनों ही इन घटनाओं की जांच में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रेसिंग और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पुलिस ने बैंक प्रबंधन से एटीएम सुरक्षा को मजबूत करने की सिफारिश भी की है।

Editorial

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