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भारत में शुरू हुआ iPhone 17 का ट्रायल; चीन बना सपोर्ट सिस्टम
By EditorialPublished on
iPhone 17 को लेकर भारत में तैयारियां जोरों पर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके ट्रायल प्रोडक्शन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जून से ही डिस्प्ले असेंबली, मैकेनिकल हाउसिंग, रीयर कैमरा मॉड्यूल और कवर ग्लास जैसे अहम पार्ट्स चीन से भारत आने लगे हैं। इससे साफ है कि iPhone 17 की असेंबली का काम पहले ही शुरू हो चुका है।

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एप्पल के आगामी फ्लैगशिप iPhone 17 की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर भारत में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। फॉक्सकॉन, जो कि एप्पल की प्रमुख सप्लायर कंपनी है, ने चीन से iPhone 17 के लिए जरूरी कंपोनेंट्स का इम्पोर्ट भारत में शुरू कर दिया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि भारत में iPhone 17 का ट्रायल प्रोडक्शन जल्द ही बड़े स्तर पर शुरू होने वाला है।
जून से आ रहे हैं जरूरी पार्ट्स :
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सीमा शुल्क (कस्टम) के आंकड़े बताते हैं कि डिस्प्ले असेंबली, मैकेनिकल हाउसिंग, रीयर कैमरा मॉड्यूल और कवर ग्लास जैसे कई महत्वपूर्ण पार्ट्स जून से ही चीन से भारत आने लगे हैं। इसका सीधा मतलब है कि भारत में असेंबली का काम पर्दे के पीछे पहले से ही चल रहा है और फुल-स्केल प्रोडक्शन अगस्त 2025 से शुरू हो सकता है।
iPhone 17 कंपोनेंट्स का हिस्सा सिर्फ 10% :
हालांकि, जून में फॉक्सकॉन द्वारा भारत इम्पोर्ट किए गए iPhone कंपोनेंट्स में iPhone 17 से जुड़ी सामग्री का हिस्सा सिर्फ 10 प्रतिशत ही था। बाकी के पार्ट्स iPhone 16 और iPhone 14 वेरिएंट्स के लिए थे, जिनका फोकस भारतीय फेस्टिव सीज़न के दौरान भारी बिक्री पर है।
भारत बन रहा है एप्पल का नया एक्सपोर्ट हब :
Apple पहले से ही चीन और भारत दोनों में iPhone 17 सीरीज की संयुक्त प्लानिंग कर रहा है। भारत अब कंपनी के लिए एक रणनीतिक एक्सपोर्ट हब बनता जा रहा है, खासकर उन iPhone मॉडलों के लिए जो अमेरिकी बाजार में भेजे जाएंगे।
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चीन पर टैरिफ, भारत पर भरोसा :
Apple के भारत शिफ्ट होने की एक बड़ी वजह अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए हाई टैरिफ हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में लगाए गए इन टैरिफ्स के चलते एप्पल को चीन से बाहर विकल्प तलाशने पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 तक एप्पल का इरादा अमेरिकी बाजारों के लिए iPhone की सप्लाई को चीन से हटाकर पूरी तरह भारत में शिफ्ट करने का है। हालांकि, अमेरिकी सरकार चाहती है कि एप्पल अमेरिका में ही प्रोडक्शन बढ़ाए, लेकिन भारत की लागत-लाभ समीकरण, कुशल श्रमिक बल और एक्सपोर्ट संभावनाओं ने उसे अधिक आकर्षक बना दिया है।
निष्कर्ष: भारत में iPhone 17 के ट्रायल प्रोडक्शन की शुरुआत न केवल एप्पल की रणनीतिक दिशा को दर्शाती है, बल्कि यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर भी है। आने वाले महीनों में भारत, चीन को टक्कर देने वाला iPhone प्रोडक्शन हब बन सकता है।

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