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चीन की घातक मिसाइल की जद में पूरा अमेरिका; भयानक खुलासा
By EditorialPublished on
चीन ने पहली बार अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) DF-5B की पूरी ताकत दुनिया के सामने रख दी है। इस मिसाइल की रेंज 12,000 किलोमीटर है और यह 4 मेगाटन के न्यूक्लियर वारहेड से लैस है। विशेषज्ञों के मुताबिक, DF-5B अमेरिका तक सटीक वार कर सकती है, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में हलचल मच गई है।

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चीन ने पहली बार अपनी सबसे घातक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) DF-5B की ताकत दुनिया के सामने रख दी है। चीन के सरकारी टीवी चैनल CCTV ने इस मिसाइल से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में खलबली मच गई है। DF-5B की रेंज और परमाणु क्षमता इतनी अधिक है कि वह पूरे अमेरिका को निशाना बना सकती है।
DF-5B: विनाश की 12,000 किमी रेंज :
DF-5B एक साइलो आधारित, दो-चरणीय मिसाइल है, जिसकी लंबाई 32.6 मीटर और वजन करीब 183 टन है। यह मिसाइल 3 से 4 मेगाटन का एकल परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है — जो कि हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 200 गुना ज्यादा ताकतवर है। इसकी रेंज 12,000 किलोमीटर है, जिससे यह अमेरिका और पश्चिमी यूरोप तक आसानी से हमला कर सकती है।
चीन की बढ़ती परमाणु शक्ति :
विशेषज्ञों के मुताबिक, DF-5B को सार्वजनिक करना चीन की रणनीतिक ‘नुक्लियर डिटरेंस’ नीति का हिस्सा है। यह मिसाइल चीन के जमीनी, समुद्री और हवाई परमाणु हमले की त्रिस्तरीय रणनीति का अहम स्तंभ है। पूर्व PLA प्रशिक्षक सॉन्ग झोंगपिंग ने कहा, “अगर DF-5 नहीं होती, तो चीन को वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में नहीं माना जाता।”
नई पीढ़ी की मिसाइलों की तैयारी ?
DF-5B की जानकारी सार्वजनिक करना चीन की सैन्य पारदर्शिता में बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि चीन जल्द ही नई पीढ़ी की ICBM मिसाइलों को दुनिया के सामने ला सकता है। इससे पहले, 25 सितंबर 2024 को PLARF ने एक और ICBM का परीक्षण किया था, जो शायद DF-31 का उन्नत संस्करण था।
पेंटागन की चेतावनी :
अमेरिका के रक्षा विभाग ने पहले ही आगाह किया है कि चीन के पास 600 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं और यह संख्या 2030 तक 1000 से अधिक हो सकती है। पेंटागन के अनुसार, चीन ने तीन प्रमुख ठिकानों पर 320 मिसाइल साइलो तैयार किए हैं।
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'नो फर्स्ट यूज' नीति, लेकिन चिंता बरकरार :
भारत की तरह ही, चीन 'नो फर्स्ट यूज' नीति का पालन करता है यानी पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। लेकिन DF-5B जैसी मिसाइलों की क्षमताएं और तेजी से बढ़ता परमाणु जखीरा वैश्विक चिंताओं को शांत करने के बजाय और गहरा कर रहा है।
निष्कर्ष: DF-5B के इस खुलासे ने साफ कर दिया है कि चीन अब अपनी सैन्य ताकत छुपाने के बजाय दुनिया को दिखाने के मोड में है। ऐसे समय में जब अमेरिका और चीन के बीच ताइवान, दक्षिण चीन सागर और सामरिक वर्चस्व को लेकर तनाव चरम पर है, DF-5B जैसा हथियार एक गंभीर चेतावनी की तरह सामने आया है।

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