Patanjali (1).jpg
हरिद्वार। गुरु-शिष्य परम्परा का प्रतीक ‘गुरु पूर्णिमा’ पर्व पतंजलि योगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव महाराज व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण महाराज के सान्निध्य में पतंजलि वैलनेस, योगपीठ-2 स्थित योगभवन ऑडिटोरियम में मनाया गया। कार्यक्रम में स्वामी रामदेव तथा आचार्य बालकृष्ण ने एक-दूसरे को माला पहनाकर गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं।

Patanjali (1).jpg
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म को युग धर्म के रूप में स्थापित करने का पर्व है। यह भारत की गौरवशाली गुरु-शिष्य परम्परा, ऋषि परम्परा, वेद परम्परा व सनातन परम्परा का परिचायक तथा इनको पूर्णता प्रदान करने वाला पर्व है। उन्होंने पतंजलि विवि के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपको ऋषित्व और देवत्व में जीना हैं, इसी से जगत में नयी क्रांति का संचार होगा।

Patanjali (1).jpg
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व गुरु-शिष्य परम्परा को प्रदर्शित करने का पर्व है किंतु इसकी सार्थकता तभी है जब हम अपने गुरु पर पूर्ण आस्था रखते हुए उनके बताए मार्ग का अनुसरण करें। उनके द्वारा बताए गए नियमों का आलम्बन लेकर अपने जीवन को सद़्मार्ग पर ले जाएँ।ष का आश्रय व आलम्बन लें जिससे जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो।

Patanjali (1).jpg
इस अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एन.पी. सिंह ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह दिव्य वातावरण अद्भुत है।
Editorial

Editorial

Next Story