CMO vs CMO विवाद में नया ट्विस्ट; हरिदत्त नेमी पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. उदयनाथ और डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में अब लखनऊ का दखल हो गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थसारथी सेन शर्मा ने राज्यपाल की अनुमति से डॉ. हरिदत्त नेमी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
प्रमुख सचिव द्वारा हस्ताक्षरित कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले की जांच निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को सौंपी गई है और उन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
कई गंभीर आरोपों में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए डॉ. नेमी :
जारी आदेश के अनुसार, डॉ. हरिदत्त नेमी पर रिक्त पदों की चयन प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के दिशा-निर्देशों का पालन न करने, वित्तीय शक्तियों का दुरुपयोग, नियम विरुद्ध स्थानांतरण करने, अधीनस्थों पर कमजोर नियंत्रण रखने, उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने और अपने पद व सरकारी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
इन सभी आरोपों में प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की गई है।
डॉ. नेमी को सहयोग का निर्देश :
कार्यालय ज्ञापन में साफ कहा गया है कि डॉ. नेमी को जांच अधिकारी को पूरा सहयोग देना होगा और संबंधित शासनादेशों के तहत सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जांच को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
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पहले ही लगे थे कई प्रतिबंध :
इससे पहले कानपुर नगर के मौजूदा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयनाथ ने भी एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर डॉ. नेमी के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए थे। उन्होंने कहा था कि डॉ. नेमी किसी भी सरकारी दस्तावेज, टेंडर या अन्य प्रशासनिक कार्यों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे और बिना अनुमति के सरकारी वाहन का इस्तेमाल भी नहीं कर सकेंगे। अब सबकी नजरें निदेशक (प्रशासन) द्वारा पेश की जाने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि डॉ. हरिदत्त नेमी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी।
Editorial

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