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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की चमक; 240% रिटर्न ने मचाया धमाल
By EditorialPublished on
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत का निर्धारण एक बेहद सटीक प्रक्रिया से होता है। यह कीमत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा 999 शुद्धता वाले सोने की पिछली तीन दिनों की औसत कीमत के आधार पर तय की जाती है। हालिया तेजी के चलते इन बॉन्ड्स ने निवेशकों को 240% तक का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जिससे यह निवेश का एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2017-18 सीरीज-XIV और SGB 2018-19 सीरीज-IV के लिए समय से पहले रिडेम्प्शन प्राइस की घोषणा कर दी है। ये दोनों ही स्कीमें अब रिडेम्प्शन के लिए उपलब्ध हैं, और निवेशकों को इन पर 240% तक का जबरदस्त रिटर्न मिल रहा है।
गोल्ड बॉन्ड: सुरक्षित निवेश का विकल्प
SGB एक सरकारी योजना है, जिसमें निवेशक कागज़ी रूप में सोने में निवेश करते हैं। इस योजना का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का होता है, लेकिन 5 साल बाद निवेशक इसे समय से पहले भी भुना सकते हैं। साथ ही, इन बॉन्ड्स को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर खरीदा और बेचा भी जा सकता है।
इस योजना में हर छह महीने में 2.5% सालाना ब्याज सीधे निवेशकों के बैंक खाते में जमा होता है, जो इस स्कीम को और आकर्षक बनाता है।
रिडेम्प्शन प्राइस का निर्धारण कैसे होता है ?
RBI के अनुसार, SGB का रिडेम्प्शन प्राइस 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी सत्रों के औसत बंद भाव के आधार पर तय किया जाता है। यह डेटा इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। 1 जुलाई, 2025 को किए गए रिडेम्प्शन के लिए प्राइस 26, 27 और 30 जून के औसत के आधार पर तय किया गया, जो इस बार ₹9,628 प्रति यूनिट रहा।
निवेशकों को कितना रिटर्न मिला ?
SGB 2017-18 सीरीज-XIV जनवरी 2018 में ₹2,831 प्रति यूनिट के भाव पर इश्यू हुआ था। अब रिडेम्प्शन पर ₹9,628 मिल रहे हैं — यानी लगभग 240% रिटर्न। SGB 2018-19 सीरीज-IV, जनवरी 2019 में ₹3,119 प्रति यूनिट पर जारी हुआ था। अब उसी पर रिडेम्प्शन प्राइस ₹9,628 है — यानी 208% से अधिक का रिटर्न। इसमें हर छह महीने मिलने वाला 2.5% ब्याज शामिल नहीं है। यदि उसे भी जोड़ लिया जाए तो कुल कमाई और अधिक हो जाती है।
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क्यों है SGB एक स्मार्ट निवेश ?
- सोना सुरक्षित रहता है — न चोरी का डर, न रखरखाव की चिंता
- सरकारी योजना होने के कारण भरोसेमंद
- मूल्य वृद्धि के साथ ब्याज भी मिलता है
- बाजार की अस्थिरता के बावजूद ब्याज दर स्थिर रहती है
- एक निवेशक अधिकतम 4 किलोग्राम तक गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है
गोल्ड बॉन्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह न केवल लंबी अवधि का सुरक्षित निवेश है, बल्कि शानदार रिटर्न भी दे सकता है। यदि आप भी सोने में निवेश करना चाहते हैं लेकिन फिजिकल गोल्ड की चिंता से बचना चाहते हैं, तो SGB आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

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