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PM को मिली थी पाक हमले की टिप; अमेरिका ने भेजा था अलर्ट ?
By EditorialPublished on
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले को केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर सीधा वार बताया है। उनका कहना है कि यह हमला पर्यटन को नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी साजिश है और भारत, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई लगातार जारी रखेगा।

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को केवल सुरक्षा संकट नहीं, बल्कि एक आर्थिक युद्ध करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह हमला सीधे कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ – पर्यटन उद्योग – को कमजोर करने की साजिश थी। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत पर अगर परमाणु हमले की धमकी भी दी जाए, तब भी पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर कार्रवाई नहीं रुकेगी।
आर्थिक हमले की साजिश :
न्यूयॉर्क में Newsweek से बातचीत के दौरान जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आतंकियों का मकसद सिर्फ डर फैलाना नहीं था, बल्कि कश्मीर के पर्यटन को खत्म करना था। उन्होंने कहा, “यह हमला धार्मिक उन्माद फैलाने और कश्मीर के शांति माहौल को बर्बाद करने की एक कोशिश थी।”
अमेरिका का फोन कॉल और पाक की धमकी :
जयशंकर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 9 मई, 2025 की रात, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर बताया था कि पाकिस्तान एक बड़ा हमला करने वाला है। “मैं उस कमरे में था जब फोन आया,” जयशंकर ने कहा, “प्रधानमंत्री ने किसी भी दबाव को नजरअंदाज करते हुए स्पष्ट किया कि भारत चुप नहीं बैठेगा और हर हमले का जवाब दिया जाएगा।”
वास्तव में, उसी रात पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया, लेकिन भारतीय सेना ने सख्त और तुरंत जवाब देकर उनकी रणनीति को विफल कर दिया।
सीजफायर पर अमेरिका और पाकिस्तान की भूमिका :
जयशंकर ने बताया कि अगले दिन यानी 10 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से उनकी बातचीत हुई थी, जिसमें पाकिस्तान की तरफ से शांति की बात की गई। उसी दिन पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन कर सीजफायर की अपील की। जयशंकर के मुताबिक, भारत की प्रतिक्रिया पूरी तरह से आत्मनिर्भर और ठोस थी – किसी बाहरी दबाव में नहीं थी।
डोनाल्ड ट्रंप का दावा और भारत का जवाब :
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उन्होंने “ट्रेड कॉल्स” के ज़रिए भारत और पाकिस्तान को लड़ाई से रोका। ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने धमकी दी थी कि अगर युद्ध हुआ तो व्यापारिक डील नहीं होगी। जयशंकर ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा, “मैं खुद उस कॉल का गवाह हूं, जिसमें ऐसी कोई बात नहीं हुई। ट्रेड और कूटनीति दो अलग बातें हैं। भारत ने कभी भी व्यापार को राजनीतिक दबाव के रूप में इस्तेमाल नहीं किया।”
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“अब बहुत हो गया” – भारत का स्पष्ट संदेश
पहलगाम हमले को लेकर जयशंकर ने कहा कि इस बार देश की जनता और नेतृत्व दोनों का मूड साफ था – “अब बहुत हो गया।” उन्होंने बताया कि हमला धार्मिक आधार पर लोगों की हत्या के लिए किया गया था, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलाया जा सके। यह बयान दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि रणनीतिक जवाबी कार्रवाई की नीति अपना चुका है वह भी बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के।

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