प्रधानमंत्री मोदी ने "मिशन मौसम" का किया शुभारंभ।
मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम।

mission mausam
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर 'मिशन मौसम' का शुभारंभ किया। इस मिशन का उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन में सुधार करना है।
मिशन मौसम: एक नए युग की शुरुआत
मिशन मौसम के तहत, आईएमडी का लक्ष्य मौसम अवलोकन नेटवर्क का विस्तार करना और अधिक सटीक पूर्वानुमान प्रदान करना है। इस मिशन के तहत, डॉप्लर रडार की संख्या 2026 तक 39 से बढ़ाकर 70 की जाएगी। इससे मौसम की भविष्यवाणी में सुधार होगा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।
जलवायु परिवर्तन अनुकूलन
मिशन मौसम भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें जलवायु परिवर्तन अनुमानों को विकसित करना, जलवायु जोखिमों का आकलन करना और अनुकूलन रणनीतियों को लागू करना शामिल है।
आईएमडी का 2047 विजन दस्तावेज
प्रधानमंत्री मोदी ने आईएमडी का 2047 विजन दस्तावेज भी जारी किया, जिसमें 2047 तक देश के लिए मौसम संबंधी लचीलापन और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए रोडमैप की रूपरेखा दी गई है। इस दस्तावेज में भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और मौसम संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने की रणनीति शामिल है।
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
- किसी देश के वैज्ञानिक संस्थानों की प्रगति, विज्ञान के प्रति उसकी जागरूकता को दर्शाती है।
- वैज्ञानिक संस्थानों में शोध और नवाचार नए भारत के स्वभाव का अभिन्न अंग हैं।
- मिशन मौसम भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मिशन मौसम का शुभारंभ भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत है, जिसमें देश मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन में सुधार करने के लिए तैयार है। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के लिए भी फायदेमंद होगा।
Editorial

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