चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को बताया बेतुका।
महाराष्ट्र चुनाव में 'मैच फिक्सिंग' के आरोपों पर आयोग का जवाब।
rahul gandhi
चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। राहुल गांधी ने अपने एक लेख में दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 'मैच फिक्सिंग' की थी। इस आरोप पर चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि यह आयोग को बदनाम करने की कोशिश है।
चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि राहुल गांधी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं और चुनाव के फैसले पक्ष में नहीं आने पर ऐसे आरोप लगाना बेतुका है। आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी भी तरह की गलत जानकारी न केवल कानून का अपमान है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लाखों लोगों के मनोबल को भी गिराता है।
चुनाव आयोग का प्वाइंट वाइज जवाब
चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कई बिंदुओं पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। इनमें से कुछ प्रमुख बिंदु हैं:
- मतदाता सूची: आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक नियम 1960 के तहत की जाती है। अंतिम मतदाता सूची सभी दलों को दी गई थी और इसके खिलाफ केवल 89 शिकायतें आईं, जिनमें से एक भी कांग्रेस द्वारा नहीं की गई थीं।
- मतदान प्रतिशत: आयोग ने कहा है कि 6.4 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान किया। औसतन हर घंटे 58 लाख वोट डाले गए। अंतिम दो घंटे में 65 लाख वोट पड़ना सामान्य औसत से कम है।
- बूथ लेवल ऑफिसर्स और एजेंट
: आयोग ने कहा है कि 1 लाख से अधिक बूथों पर 97 हजार बूथ लेवल ऑफिसर्स और सभी दलों द्वारा नियुक्त 1.03 लाख बूथ एजेंट तैनात थे। कांग्रेस ने भी 27 हजार से अधिक एजेंट नियुक्त किए थे।
राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने भी राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा ने कहा है कि राहुल गांधी के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश है।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी भी तरह की गलत जानकारी न केवल कानून का अपमान है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लाखों लोगों के मनोबल को भी गिराता है। अब देखना यह है कि राहुल गांधी अपने आरोपों पर आगे क्या कहते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
Editorial

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