श्रीनगर-कटरा वंदे भारत ट्रेन: यात्रा का नया युग।
आज से शुरू होंगी नियमित सेवाएं, 3 घंटे में कटरा से श्रीनगर का सफर।

katra srinagar
जम्मू एवं कश्मीर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए श्रीनगर और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवाएं शनिवार से शुरू हो गई हैं। यह विकास क्षेत्र के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक परिवर्तनकारी कदम है।
नई वंदे भारत सेवा की विशेषताएं
- कम यात्रा समय: श्रीनगर और कटरा के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र तीन घंटे रह जाएगा, जो सड़क मार्ग से लगने वाले वर्तमान छह से सात घंटों के आधे से भी कम है।
- सप्ताह में छह दिन: सेमी हाई-स्पीड रेलगाड़ियां सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जिससे कश्मीर घाटी और प्रमुख तीर्थस्थल कटरा के बीच यात्रा करना आसान हो जाएगा।
- नव-उद्घाटित मार्ग: वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की दो जोड़ी ट्रेन संख्या 26404/26403 और 26401/26402, नव-उद्घाटित श्रीनगर-कटरा-श्रीनगर मार्ग पर चलेंगी, जिनका बनिहाल में निर्धारित ठहराव होगा।
वंदे भारत ट्रेन की खासियतें
- एडवांस हीटिंग सिस्टम: इन ट्रेनों को खासतौर पर कश्मीर की सर्दी को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जिसमें एडवांस हीटिंग सिस्टम, थर्मल इंसुलेटेड बाथरूम और विंडशील्ड हीटर जैसी सुविधाएं हैं।
- तापमान नियंत्रण: ट्रेन के अंदर तापमान नियंत्रण की खास तकनीक लगी है, जिससे सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडा माहौल बना रहता है।
- सुरक्षा के इंतजाम: पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
स्थानीय कारोबार पर प्रभाव
नई वंदे भारत सेवा न सिर्फ वैष्णो देवी जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि पर्यटन, स्थानीय कारोबार और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है। इससे स्थानीय कारोबार में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इन ट्रेनों की पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई। यह शुरुआत 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हुई है, जिसमें दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज - चेनाब ब्रिज - भी शामिल है।
लोको-पायलट की प्रतिक्रिया
कटरा-स्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के सीनियर लोको-पायलट मनोज यादव ने इस पल को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि ट्रेन हर मौसम में चलने के लिए बनी है और इसके अंदर तापमान नियंत्रण की खास तकनीक लगी है।
Editorial

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