उत्तराखंड में बड़ा हादसा टला: केदारनाथ हाईवे पर हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग।
हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण पायलट ने दिखाई सूझबूझ, सभी यात्री सुरक्षित।

helicopter landing
उत्तराखंड के केदारनाथ में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया जब एक हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई और पायलट को हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे, और गनीमत रही कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
हादसे की वजह तकनीकी खराबी
जिला पर्यटन अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि क्रेस्टेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एक हेली अपने बड़ासू स्थित बेस से श्री केदारनाथ धाम के लिए पांच यात्रियों के साथ टेक ऑफ कर रहा था। इसी दौरान हेली में कुछ तकनीकी खामी आ गई, जिसे पायलट ने समय रहते भांप लिया और नजदीक में सड़क खाली देखते हुए आपातकाल लैंडिंग करवा दी।
हेलीकॉप्टर का पीछे का हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर का पीछे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, सभी यात्री सुरक्षित हैं और पायलट को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहतकर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
चारधाम यात्रा के दौरान तीसरा हेलीकॉप्टर हादसा
यह हादसा चारधाम यात्रा के दौरान हुआ है, जो इस सीजन में तीसरा हेलीकॉप्टर हादसा है। इससे पहले उत्तरकाशी क्षेत्र में एक हादसा हुआ था जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी। ऐसे में हेलीकॉप्टर की सुरक्षा ऑडिट को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं।
एम्स ऋषिकेश का हेलीकॉप्टर था शामिल
जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश का था, जो एक मरीज को लेने के लिए केदारनाथ गया था। हेलीपैड से करीब 20 किमी पहले हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
सवालों के घेरे में हेलीकॉप्टर की सुरक्षा
इस हादसे ने एक बार फिर हेलीकॉप्टर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी।
Editorial

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