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पाकिस्तान की सरजमीं पर बरपा 'सिंदूर' का प्रचंड प्रहार..
By EditorialPublished on
कुछ तारीखें इतिहास में सिर्फ तारीखें नहीं होतीं, वे एक राष्ट्र की आत्मा को झकझोर देती हैं। 6 मई 2025 की रात भी ऐसी ही एक तारीख बन गई, जब भारत ने अपने नागरिकों की नृशंस हत्या का बदला लेकर यह संदेश दिया कि अब भारत चुप नहीं बैठता, बल्कि आतं

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कुछ तारीखें इतिहास में सिर्फ तारीखें नहीं होतीं, वे एक राष्ट्र की आत्मा को झकझोर देती हैं। 6 मई 2025 की रात भी ऐसी ही एक तारीख बन गई, जब भारत ने अपने नागरिकों की नृशंस हत्या का बदला लेकर यह संदेश दिया कि अब भारत चुप नहीं बैठता, बल्कि आतंक का जवाब निर्णायक कार्रवाई से देता है।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि :
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी। जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक शामिल थे। इस हमले का टारगेट खासतौर पर हिंदू पुरुष थे। जांच में सामने आया कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और TRF जैसे संगठनों ने किया था। जिन्हें पाकिस्तान की खुली शह हासिल थी।
भारत ने इस क्रूरता को सिर्फ निंदा तक सीमित नहीं रखा। अगले ही दिन, 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया, जो दशकों से पाकिस्तान की जीवनरेखा मानी जाती थी। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत थी।
जब टूटा कहर: ऑपरेशन सिंदूर :
6 मई की रात 1:05 बजे से 1:30 बजे तक भारत ने वह किया, जिसकी पाकिस्तान ने कल्पना भी नहीं की थी। सिर्फ 25 मिनट में, भारत ने 24 आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा और 9 ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस साहसिक ऑपरेशन का नाम रखा गया "ऑपरेशन सिंदूर", जो उन विधवाओं की पीड़ा और प्रतिशोध का प्रतीक बना, जिनके पति पहलगाम हमले में मारे गए थे।
तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई :
यह ऑपरेशन महज एक एयरस्ट्राइक नहीं था। इसमें भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। यह 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत की तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई थी, लेकिन कहीं ज्यादा संगठित और घातक।
कहां-कहां बरसे भारत के बम ?
पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मुख्यतः 5 आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया:
- मस्जिद सैयदना बिलाल – मुजफ्फराबाद
- गुलपुर ट्रेनिंग कैंप – कोटली
- सवाई नाला कैंप – मुजफ्फराबाद
- मस्जिद अहल-ए-हदीस – बरनाला
- एक गोपनीय लोकेशन
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी 4 आतंकी अड्डे ध्वस्त किए गए :
- सरजाल कैंप – सियालकोट
- मेहमूना जोया ठिकाना – सियालकोट
- मार्कज तैबा – मुरिदके
- मस्जिद सुब्हान अल्लाह – बहावलपुर
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पाकिस्तान में छाया मातम :
इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 100 से अधिक आतंकी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार व तकनीकी उपकरण नष्ट कर दिए गए। लेकिन पाकिस्तान सरकार ने हमेशा की तरह इस हमले को लेकर चुप्पी साध ली।
प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान :
6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया और कहा: "अब 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम सुनते ही पाकिस्तान को अपनी शर्मनाक हार याद आएगी।" उनका यह बयान सिर्फ राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि एक बदली हुई सैन्य और कूटनीतिक सोच का प्रतीक था। जिसमें भारत अब अपने नागरिकों की हत्या का जवाब सिर्फ़ बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि एक्शन से देता है। ऑपरेशन सिंदूर अब सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह भारत की चेतना, बदले की भावना और सुरक्षा नीति का नया अध्याय है।
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