भारत पर नजरें? पाकिस्तान ने तुर्किए से मांगा
ऑपरेशन सिंदूर में मिली शर्मनाक हार ने पाकिस्तान को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर उसकी सैन्य रणनीति में ऐसी क्या चूक रह गई, जिसकी वजह से भारतीय मिसाइलों और 'मेक इन इंडिया' हथियारों के सामने वो टिक नहीं सका। अब पाकिस्तान की नजर चीन के बजाए तुर्किए पर जा टिकी है, और इसका सबसे बड़ा प्रमाण है – ALP-300G रडार सिस्टम की डील।
दरअसल, भारत के साथ मई महीने में हुई सीमित अवधि की लड़ाई में पाकिस्तान का चीनी एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9 पूरी तरह फेल हो गया था। भारतीय मिसाइलों को ट्रैक तक नहीं कर पाया और पाकिस्तान की सैन्य चौकियां तबाह होती रहीं। अब पाकिस्तान अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए तुर्किए की टॉप डिफेंस टेक कंपनी Aselsan से संपर्क में है और ALP-300G नामक आधुनिक रडार सिस्टम खरीदने की तैयारी में है।
क्या है ALP-300G रडार सिस्टम ?
ALP-300G एक अत्याधुनिक AESA रडार सिस्टम है जो डिजिटल बीमफॉर्मिंग जैसी तकनीकों से लैस है। यह सिस्टम लंबी दूरी से ही बैलिस्टिक मिसाइलों, एंटी-रेडिएशन मिसाइलों, स्टेल्थ एयरक्राफ्ट और ड्रोन जैसे लक्ष्यों को पहचानने और ट्रैक करने की क्षमता रखता है। यह एक मोबाइल रडार सिस्टम है जिसे 10 टन वजनी पहिएदार वाहनों पर रखा जा सकता है और सिर्फ 30 मिनट में ऑपरेशनल किया जा सकता है।
इसकी खासियत यह भी है कि यह NATO एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (ACCS) के साथ एकीकृत किया जा सकता है। खराब मौसम में भी यह प्रभावी ढंग से काम करता है और मौसम के डेटा का विश्लेषण करके ट्रैकिंग को और सटीक बनाता है।
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भारत के लिए खतरा या पाक की मजबूरी ?
इस डील को लेकर भारतीय रक्षा विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि ALP-300G जैसा सिस्टम पाकिस्तान की एयर डिफेंस कैपेबिलिटी को मजबूत बना सकता है, जिससे भविष्य में भारतीय हवाई हमलों में मुश्किलें आ सकती हैं। लेकिन बड़ी संख्या में विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यह पाकिस्तान की मजबूरी है, जो चीन के हथियारों से पूरी तरह भरोसा खो चुका है।
रणनीतिक संकेत क्या हैं ?
पाकिस्तान का तुर्किए की तरफ झुकाव यह दिखाता है कि वह अब चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहता और तकनीकी रूप से विविधता लाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन साथ ही यह बात भी उतनी ही सच है कि भारतीय हथियारों की मारक क्षमता ने उसे रणनीतिक तौर पर बैकफुट पर ला दिया है।
अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या ALP-300G जैसे सिस्टम पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी को छुपा पाएंगे, या भारत की तैयारियों के सामने यह भी महज एक प्रयोग बनकर रह जाएगा।
Editorial

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