तंजीम फातिमा के बयान से बवाल; अखिलेश ने तोड़ी चुप्पी ..
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान की पत्नी तंजीम फातिमा द्वारा सीतापुर जेल से लौटकर दिए गए बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ कर दी है। उन्होंने कहा था कि अब उन्हें किसी इंसाफ या किसी नेता से नहीं, केवल अल्लाह से उम्मीद है। इस भावनात्मक बयान के बाद अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है और तंजीम की चिंता को राजनीतिक अन्याय बताया है।
सरकार बदलेगी तभी मिलेगा इंसाफ: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने साफ कहा कि आज़म खान और उनके परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब वर्तमान सरकार बदली जाएगी। उन्होंने कहा, "हम सब भगवान और ईश्वर को मानने वाले लोग हैं। पर अब इंसाफ या तो सरकार बदलने पर मिलेगा या फिर अल्लाह से ही उम्मीद रह गई है।" उन्होंने यह भी कहा कि आज़म खान जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ जो सलूक हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
RSS और आरक्षण पर बरसे अखिलेश :
अखिलेश यादव ने इसी दौरान RSS के हालिया बयान को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस और उससे जुड़ी विचारधारा रखने वाले लोग सीधे-सीधे आरक्षण खत्म करने की बात नहीं कर सकते, इसलिए अब वे समाजवाद शब्द हटाने की बात करने लगे हैं। अखिलेश का आरोप था कि ये ताकतें नफरत और नकारात्मक राजनीति के जरिए समाज को जातियों और धर्मों में बांटना चाहती हैं, और यही वजह है कि वे धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ खड़ी हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि जब बीजेपी की स्थापना हो रही थी, तब यह तय किया गया था कि पार्टी धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद को मानेगी। लेकिन अगर आज बीजेपी इन मूल सिद्धांतों को नहीं मानती, तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह शायद आरएसएस की सोच से पूरी तरह सहमत हैं, क्योंकि वे बीजेपी के परंपरागत सदस्य नहीं रहे हैं और सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की मजबूरी के चलते इस लाइन में खड़े हैं।
ममता बनर्जी के आरोपों को बताया गंभीर :
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को भी अखिलेश ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कई बूथों पर गड़बड़ी के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं, जैसे कुंदरकी में पुलिस कर्मियों द्वारा वर्दी उतारकर फर्जी वोटिंग करना। उन्होंने कहा, "अगर ममता बनर्जी कुछ कह रही हैं, तो इसका मतलब है कि ज़रूर कुछ साजिश चल रही है। बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।"
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संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ का नारा :
अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की — कि अगर लोकतंत्र बचाना है, तो संविधान को बचाना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार और उससे जुड़ी ताकतें लोकतंत्र की नींव पर चोट कर रही हैं, और यह देश के भविष्य के लिए खतरनाक संकेत है।
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