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शास्त्र जीवन रूपांतरण और आत्म शुद्धि का मार्ग बताते
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पनवेल के साधना सदन में युवाचार्य महेंद्र ऋषि महाराज ने श्रोताओं को जैन धर्म, शास्त्र और आत्म कल्याण के सिद्धांतों का महत्व समझाते हुए कहा कि शास्त्रों में वर्णित वचन जीवन को दिशा प्रदान करते हैं। धर्म वह प्रकाश है, जो जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की सशक्त प्रणाली है। जो व्यक्ति शास्त्र वाणी को सुनकर उसे आत्मसात करता है, वह न केवल अपनी जीवन यात्रा को सरल बना सकता है, बल्कि चुनौतियों और कठिनाइयों का भी दृढ़ता से सामना कर सकता है। हितेंद्र

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मुंबई। पनवेल के साधना सदन में युवाचार्य महेंद्र ऋषि महाराज ने श्रोताओं को जैन धर्म, शास्त्र और आत्म कल्याण के सिद्धांतों का महत्व समझाते हुए कहा कि शास्त्रों में वर्णित वचन जीवन को दिशा प्रदान करते हैं। धर्म वह प्रकाश है, जो जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की सशक्त प्रणाली है। जो व्यक्ति शास्त्र वाणी को सुनकर उसे आत्मसात करता है, वह न केवल अपनी जीवन यात्रा को सरल बना सकता है, बल्कि चुनौतियों और कठिनाइयों का भी दृढ़ता से सामना कर सकता है। हितेंद्र ऋषि ने कहा कि सामायिक वह प्रक्रिया है, जो आत्मा को निर्मल करती है। पनवेल मेवाड़ उपसंघ अध्यक्ष शेलेन्द्र खैरोदिया ने बताया कि शनिवार को युवाचार्य के सानिध्य में सामूहिक भक्तामर स्तोत्र का जाप एवं प्रवचन सभा होगी।

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