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कोलकाता लॉ कॉलेज केस में नया मोड़; सुरक्षा कर्मी पुलिस के हत्थे
By EditorialPublished on
साउथ कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा से दुष्कर्म का सनसनीखेज़ मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार कोलकाता से एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। साउथ कोलकाता स्थित एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ परिसर में ही दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। घटना ने कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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साउथ कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज से एक शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कॉलेज परिसर में ही फर्स्ट ईयर की एक छात्रा के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा, जो कॉलेज का पूर्व छात्र है और टीएमसीपी (त्रिणमूल कांग्रेस छात्र परिषद) के दक्षिण कोलकाता जिला आयोजन सचिव के रूप में कार्यरत है, को दो अन्य वरिष्ठ छात्रों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कॉलेज का एक सिक्योरिटी गार्ड भी शामिल है, जिसे गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को 27 जून 2025 को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।
कोलकाता पुलिस ने की पुष्टि, मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि :
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट ने सामूहिक बलात्कार की पुष्टि की है। पुलिस ने पीड़िता का गोपनीय बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्य आरोपी खुद है आपराधिक मामलों का वकील :
इस मामले को और भयावह बनाता है मुख्य आरोपी की पृष्ठभूमि। मोनोजीत मिश्रा, जो अब एक वकील है, अलीपुर पुलिस और सत्र न्यायालय में आपराधिक मामलों की पैरवी करता है। कॉलेज सूत्रों ने बताया कि हाल ही में उसे 45 दिनों के लिए अस्थायी गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में कॉलेज में नियुक्त किया गया था। इसी दौरान वह लगातार कॉलेज परिसर में सक्रिय रहा।
राजनीतिक विवाद में बदला मामला, विपक्ष ने घेरा सरकार को :
इस जघन्य कांड ने पूरे राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। वाम दलों, भाजपा, कांग्रेस और एआईडीएसओ के कार्यकर्ताओं ने कस्बा थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान :
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और कोलकाता पुलिस से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने इसे "अत्यंत गंभीर और भयावह" घटना करार दिया है, जिससे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
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पिछली घटनाओं की दिल दहला देने वाली यादें फिर ताज़ा :
यह घटना पिछले साल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना की यादें ताजा कर देती है, जिसने राज्य को झकझोर दिया था। अब लॉ कॉलेज में हुई यह वीभत्स वारदात राज्य के शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या उठाएगा कॉलेज प्रशासन ठोस कदम ?
फिलहाल, कॉलेज प्रशासन और पुलिस के बीच लगातार समन्वय जारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कॉलेज परिसर में आरोपी किस तरह से सक्रिय बना रहा? क्या प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठना जरूरी नहीं है ? इस घटना ने न सिर्फ कोलकाता, बल्कि पूरे राज्य को हिला दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच, न्यायिक प्रक्रिया और कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी पर टिकी हैं।

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