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बॉर्डर पर नई हलचल ; भारत ने चीन को भेजी सख्त चेतावनी
By EditorialPublished on
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बातचीत में राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में संदेश दिया कि सीमा पर किसी भी तरह की नई जटिलताओं से बचा जाना चाहिए। भारत की ओर से यह कड़ा रुख ऐसे समय में आया है जब LAC पर फिर से तनाव की आशंका जताई जा रही है।

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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह सीमा पर किसी भी नए तनाव को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन से मुलाकात में दो टूक शब्दों में कहा कि दोनों देशों को सीमा पर शांति बनाए रखनी चाहिए और किसी भी प्रकार की नई जटिलताओं से बचना चाहिए।
यह मुलाकात चीन के क़िंगदाओ शहर में हुई, जहां SCO की सालाना रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई थी। राजनाथ सिंह की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-चीन सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और लद्दाख के गलवान जैसे अनुभवों की छाया अब भी दोनों देशों के संबंधों पर मंडरा रही है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली पर सहमति :
राजनाथ सिंह और डोंग जुन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर भी चर्चा हुई। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा पिछले छह वर्षों से स्थगित थी। पहले यह यात्रा 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण रुकी, और फिर गलवान संघर्ष के चलते इसे दोबारा शुरू नहीं किया जा सका। रक्षा मंत्री ने अपनी पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि अब यह यात्रा पुनः आरंभ होने जा रही है, जो लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है।
मधुबनी पेंटिंग से बढ़ाया सांस्कृतिक सद्भाव :
इस भेंट के दौरान राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री को भारत की प्रसिद्ध पारंपरिक कला शैली – मधुबनी पेंटिंग – भेंट की। यह पेंटिंग बिहार के मिथिला क्षेत्र की पहचान है और इसकी विशेषता है बारीक डिज़ाइन, चमकदार रंग और सांस्कृतिक प्रतीकात्मकता। यह भेंट सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त बनाने की भारत की सद्भावना पहल को दर्शाती है।
SCO दस्तावेज़ पर नहीं किए हस्ताक्षर :
बैठक के दौरान भारत ने SCO द्वारा तैयार किए गए संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इस दस्तावेज़ में आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे को अपेक्षाकृत हल्के ढंग से दर्शाया गया था, जो भारत के सख्त और स्पष्ट रुख के अनुरूप नहीं था। राजनाथ सिंह के इस कदम को भारत की आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का संकेत माना जा रहा है।
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पाकिस्तान पर बिना नाम लिए हमला :
SCO मंच से अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर तीखा हमला बोला। बिना पाकिस्तान का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को अपनी नीतियों का औजार बना चुके हैं और आतंकियों को शरण देकर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो देश आतंकवाद को पोषित करते हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अब ऐसे दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे।”
राजनाथ सिंह के बयान को भारत की ओर से SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर एक कड़े और स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संदेश जाता है कि भारत अपनी सुरक्षा और आत्म-सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।
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