रुद्रप्रयाग हादसे में चार राज्यों के यात्री घायल और लापता; लिस्ट जारी..
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बद्रीनाथ हाईवे पर घोलतीर के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सीधा खाई में गिर गया और उफनती अलकनंदा नदी में समा गया। हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोग घायल हैं और 10 यात्री अब भी लापता हैं। टेंपो ट्रैवलर में कुल 20 यात्री सवार थे, जो देश के अलग-अलग राज्यों से आए थे।
हादसे की भयावहता :
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयंकर था कि कुछ यात्री वाहन से बाहर फेंक दिए गए, जबकि बाकी नदी में बह गए। ट्रैवलर रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ की ओर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। दुर्घटना की खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
मृतकों की पहचान :
इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है:
  • विशाल सोनी, निवासी मध्य प्रदेश
  • डिमी सोनी, निवासी सूरत, गुजरात
  • एक और व्यक्ति की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है
घायल यात्रियों की सूची :
  1. दीपिका सोनी (42 वर्ष), सिरोही, राजस्थान
  2. हेमलता सोनी (45 वर्ष), गोगुण्डा, राजस्थान
  3. ईश्वर सोनी (46 वर्ष), गुजरात
  4. अमिता सोनी (49 वर्ष), मीरा रोड, महाराष्ट्र
  5. भावना सोनी (43 वर्ष), गुजरात
  6. भव्य सोनी (07 वर्ष), गुजरात
  7. पार्थ सोनी (10 वर्ष), मध्य प्रदेश
  8. सुमित कुमार (चालक), हरिद्वार
इनमें से दो गंभीर रूप से घायल लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, एक को श्रीनगर अस्पताल में भर्ती किया गया है और चार का इलाज जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में चल रहा है।
लापता यात्रियों की सूची :
  1. रवि भवसार (28 वर्ष), राजस्थान
  2. मौली सोनी (19 वर्ष), गुजरात
  3. ललित कुमार सोनी (48 वर्ष), राजस्थान
  4. गौरी सोनी (41 वर्ष), मध्य प्रदेश
  5. संजय सोनी (55 वर्ष), राजस्थान
  6. मयूरी (24 वर्ष), गुजरात
  7. चेतना सोनी (52 वर्ष), राजस्थान
  8. चेष्ठा (12 वर्ष), गुजरात
  9. कट्टा रंजना अशोक (54 वर्ष), महाराष्ट्र
  10. सुशीला सोनी (77 वर्ष), राजस्थान
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राहत एवं बचाव कार्य :
प्रशासन की ओर से तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। लापता यात्रियों की तलाश के लिए अलकनंदा नदी के किनारों पर खोजबीन की जा रही है। नदी की तेज धार और गहराई के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है, लेकिन टीमें पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान यह हादसा एक बार फिर बताता है कि दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा के लिए विशेष सतर्कता की जरूरत है। प्रशासनिक सतर्कता के साथ-साथ यात्रियों को भी सावधानी बरतनी होगी। रुद्रप्रयाग की यह दुर्घटना न सिर्फ कई परिवारों के लिए ग़म का कारण बनी है, बल्कि यात्रा सुरक्षा के प्रति एक चेतावनी भी है।
Editorial

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