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मुंबई। सच्चा मंगल केवल सांसारिक या भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि धर्म और तप के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। न्यू पनवेल, सेक्टर 19 के जैन स्थानक में श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मंगल के व्यापक और गहन अर्थ को चार प्रमुख मंगलों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए बताया कि धर्म कभी अमंगल नहीं होता। धर्म मानव को सदैव उन्नति और शांति की ओर ले जाता है। भगवान महावीर स्वामी ने घोर तपस्या और 12 वर्ष 6 महिने की कठिन साधना से अरिहंत और सिद्ध पद प्राप्त किया। यह संदेश दिया कि धर्म ही सच्चा मंगल है। चातुर्मास जागृति लाने का अवसर है जिससे व्यक्ति धर्म आराधना करके शास्वत मंगल को प्राप्त करके आत्मा को मंगलमय बना सकता है।
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