केजरीवाल ने खोला राज़; कांग्रेस से हुई थी सीट-छुटव्‍यार की बातचीत!
गुजरात के विसाबदर और पंजाब के लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत ने पार्टी को नई ऊर्जा दी है। जीत से उत्साहित AAP अब सीधे मिशन 2027 की तैयारी में जुट गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उपचुनाव नतीजों को "जनता की बेचैनी और बदलाव की शुरुआत" बताया।
उपचुनाव नतीजे : किसे कितने वोट?
  • विसाबदर (गुजरात):
    AAP के गोपाल इटालिया ने 17,554 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें 75,942 वोट मिले।
    बीजेपी के किरीट पटेल को 58,388 वोट और कांग्रेस के नितिन रणपरिया को मात्र 5,501 वोट मिले।
  • लुधियाना पश्चिम (पंजाब):
    AAP के संजीव अरोड़ा को 35,179 वोट मिले।
    कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 24,542 और बीजेपी के जीवन गुप्ता को 20,323 वोट।
    अकाली दल के परोपकार सिंह घुम्मन को 8,203 वोट मिले।
  • कडी सीट (गुजरात):
    यहां बीजेपी के राजेंद्र कुमार ने जीत दर्ज की, जबकि AAP के जगदीश चावड़ा को केवल 3,090 वोट मिले।
    “गुजरात में जनता त्रस्त, अब विकल्प है AAP” – केजरीवाल
दिल्ली में जीत का जश्न मनाते हुए केजरीवाल ने कहा :
“गुजरात सरकार का एक मंत्री मुझसे मिला और कहा कि जनता 30 साल के बीजेपी शासन से परेशान हो चुकी है। पर प्रशासन पर बीजेपी की पकड़ इतनी मजबूत है कि हार-जीत तय कर पाना मुश्किल होता है।” उन्होंने आगे कहा: “गुजरात की ये जीत 2027 के विधानसभा चुनाव का संकेत है। जनता को अब विकल्प मिल गया है – आप। हम सिर्फ राजनीति नहीं, उम्मीद बनकर आए हैं।”
कांग्रेस पर तीखा हमला :
केजरीवाल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी बीजेपी की जेब में है। उन्होंने कहा: “पिछले चुनाव में कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं, जिनमें से 5 विधायक बीजेपी में चले गए। हमें 5 सीटें मिली थीं, उनमें से एक ही गया। कांग्रेस अब विकल्प नहीं रही, वह बीजेपी से मिली हुई है। इसके सबूत हमारे पास हैं।”
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AAP‑Congress की बातचीत और “धोखा” :
केजरीवाल ने खुलासा किया कि उपचुनाव से पहले कांग्रेस और AAP के बीच सीमित सीटों पर समझौते की बातचीत हुई थी: “कांग्रेस ने कहा कि हमारी 5 सीटें हैं, आपकी 1 – हम उस पर नहीं लड़ेंगे, आप हमारी 5 पर नहीं लड़ो। हमने मान लिया, लेकिन बाद में कांग्रेस ने बीजेपी के इशारे पर हमारे खिलाफ उम्मीदवार उतारा। वह सीट भी हार गए और हम जीत गए।”
विसाबदर और लुधियाना पश्चिम में AAP की जीत न केवल पार्टी के लिए एक मनोबल बढ़ाने वाला क्षण है, बल्कि यह संकेत भी है कि 2027 के चुनाव में गुजरात और पंजाब में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। अरविंद केजरीवाल के आक्रामक तेवर और कांग्रेस पर सीधे आरोप भविष्य की रणनीति को साफ दर्शाते हैं AAP अब खुद को विपक्ष का असली विकल्प मान रही है।
Editorial

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