भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है! भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 25 जून को Axiom-4 (Ax-4) मिशन के तहत नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर सफर की शुरुआत की है। शुभांशु के साथ इस मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं।
अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद शुभांशु ने देशवासियों के लिए गर्व से भरा पहला संदेश भेजा, वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर शुभकामनाओं का विशेष संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने शुभांशु को “1.4 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधि” बताया।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश :
प्रधानमंत्री ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा:
“हम भारत, हंगरी, पोलैंड और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेस मिशन के सफल लॉन्च का स्वागत करते हैं। भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बनने की राह पर हैं। वे अपने साथ 1.4 बिलियन भारतीयों की इच्छाएं, उम्मीदें और आकांक्षाएं लेकर गए हैं। उनके साथ सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सफलता की शुभकामनाएँ!”
प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल शुभकामनाओं से भरा था, बल्कि इसने यह भी दर्शाया कि देश का हर नागरिक शुभांशु के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा में भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
मिशन की तकनीकी जानकारी :
Ax-4 मिशन को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और निजी कंपनी Axiom Space के सहयोग से लॉन्च किया गया। लॉन्च स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन यान के ज़रिए किया गया। मिशन की लॉन्चिंग 25 जून को दोपहर 12:01 बजे (IST) की गई। नासा ने भी मिशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा: “हमने एक्सिओम मिशन 4 की उड़ान भरी है। चार निजी अंतरिक्ष यात्री अब 14 दिनों के मिशन पर अंतरिक्ष स्टेशन की ओर रवाना हो चुके हैं।”
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शुभांशु शुक्ला की भूमिका :
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। वह मिशन कमांडर पेगी व्हिटसन (पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री) के साथ काम कर रहे हैं। शुभांशु ISS पर 14 दिनों तक रहेंगे और वहां भारतीय व अमेरिकी वैज्ञानिक प्रयोग करने के साथ-साथ योग और भारतीय संस्कृति से जुड़े सत्र भी आयोजित करेंगे।
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा सिर्फ एक वैज्ञानिक मिशन नहीं, बल्कि भारत के अंतरिक्ष सपनों का प्रतीक बन चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने इस सफर को और भी विशेष बना दिया है। देश की निगाहें अब ISS की ओर टिकी हैं, जहां एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री नई ऊंचाइयों को छू रहा है – तिरंगे के साथ, पूरे भारत के गर्व के साथ।
Editorial

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