युद्ध की कगार पर ट्रंप का दखल; बोले “बम नहीं, बात करो!”
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान दोनों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सीजफायर का उल्लंघन किया है और यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इजरायल को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “ईरान पर बम मत गिराओ। यह सीजफायर का बड़ा उल्लंघन होगा। अपने पायलटों को तुरंत वापस बुलाओ।”
दोनों देशों से नाराज़ ट्रंप :
नीदरलैंड में नाटो शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि वे ईरान और इजरायल दोनों से नाराज़ हैं। उन्होंने दावा किया कि “तेहरान अब कभी भी अपने परमाणु कार्यक्रम को पुनः शुरू नहीं कर पाएगा। ईरान की परमाणु क्षमताएं पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं।”
शांति की अपील, चेतावनी के साथ :
कुछ समय पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान और इजरायल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस पहल को दुनिया और मध्य पूर्व के लिए बड़ी जीत बताया था। ट्रंप ने कहा, “जब दोनों राष्ट्र मेरे पास शांति की बात लेकर आए, तो मुझे पता था कि समय आ गया है। लेकिन अगर वे धर्म और सत्य के मार्ग से भटके, तो उन्हें बहुत कुछ खोना पड़ेगा।”
इजरायल का आरोप – ईरान ने तोड़ा सीजफायर :
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने मंगलवार को बताया कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए इजरायल पर मिसाइल हमले की तैयारी की थी। इसके जवाब में इजरायली वायु सेना ने ईरान में उन मिसाइल लॉन्च साइट्स पर हमला किया, जो IDF के अनुसार, इजरायल पर हमला करने के लिए सक्रिय थीं।
ईरान का पलटवार – हमला पहले हुआ :
वहीं, ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हमले सीजफायर से पहले हुए थे। इसके साथ ही, 23 जून की रात ईरान ने इराक और कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर छह मिसाइलें दागी थीं। इस पर कतर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया।
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बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की चिंता :
हालात को लेकर अमेरिका की चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई यह सीधी चेतावनी दर्शाती है कि अमेरिका अब इस टकराव को और बढ़ने नहीं देना चाहता। उन्होंने दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि किसी भी उकसावे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मध्य पूर्व एक बार फिर सैन्य और कूटनीतिक तनाव के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका की सख्ती और ट्रंप की सार्वजनिक चेतावनी के बाद अब निगाहें इस पर हैं कि इजरायल और ईरान अगले कदम में क्या रुख अपनाते हैं। सीजफायर की शर्तों का पालन होगा या फिर टकराव और गहराएगा – यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।
Editorial

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