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“थैंक्यू ट्रंप!” इजरायल की प्रतिक्रिया; ईरान को चेतावनी
By EditorialPublished on
इजरायल ने ऑपरेशन 'राइजिंग लायन' के तहत ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को खत्म करने का बड़ा दावा किया है। इजरायली सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में ईरान की कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे उसकी हमलावर क्षमता पर करारा प्रहार हुआ है। यह ऑपरेशन क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश किए गए ईरान-इजरायल युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान में इस बात की पुष्टि की गई कि अब इजरायल युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि यदि ईरान ने किसी भी तरह से इस समझौते का उल्लंघन किया, तो इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा।
इजरायली सरकार ने इस युद्धविराम की घोषणा को ऑपरेशन 'राइजिंग लायन' की पूर्ण सफलता से जोड़ा है। सरकार के अनुसार, इस ऑपरेशन के तहत ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के खतरों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि इजरायल ने अपने सभी रणनीतिक सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है, जिसके बाद युद्धविराम पर सहमति संभव हो सकी।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार रात रक्षा मंत्री, इजरायली रक्षा बल (IDF) के प्रमुख और खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख के साथ एक आपात बैठक की। इस बैठक में उच्चस्तरीय सुरक्षा विश्लेषण के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया है।
बयान में दावा किया गया है कि ऑपरेशन के तहत इजरायली बलों ने तेहरान के हवाई क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। बीते 24 घंटों के भीतर ईरानी राजधानी के केंद्र में कई सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें अर्धसैनिक संगठन 'बसीज' के सैकड़ों सदस्य मारे गए। इन हमलों में ईरान के एक वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।
इजरायल ने इस सैन्य अभियान में अमेरिका की भूमिका की सराहना की और राष्ट्रपति ट्रंप को खुले तौर पर धन्यवाद दिया। बयान में कहा गया कि यह अभियान दोनों देशों के बीच गहरे समन्वय और रणनीतिक साझेदारी का परिणाम है।
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हालांकि, इजरायली सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि युद्धविराम का उल्लंघन होता है, तो उसकी प्रतिक्रिया तीव्र और निर्णायक होगी। इजरायली नागरिकों से अपील की गई है कि वे गृह मोर्चा कमान (Home Front Command) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते रहें।
अंत में, इजरायली सरकार ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है जिन्होंने इस संघर्ष में अपने प्रियजनों को खोया है। साथ ही, घायल सैनिकों और नागरिकों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू इस सैन्य ऑपरेशन और आगामी रणनीति को लेकर मंगलवार को एक सार्वजनिक संबोधन देंगे।

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