ईरान पर इजरायल का आरोप; युद्धविराम को रौंदा
अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम समझौता ज़्यादा समय तक टिक नहीं सका। ताजा घटनाक्रम में मंगलवार को इजरायली सेना प्रमुख ने ईरान पर युद्धविराम के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि इजरायल इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा और शीघ्र ही “बलपूर्वक प्रतिक्रिया” देगा।
इजरायली सेना प्रमुख के बयान के बाद हालात और भी तनावपूर्ण हो गए, जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने सेना को तेहरान पर सैन्य कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। उनका कहना है कि ईरान ने हाल ही में घोषित युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसे सीधे तौर पर उकसावे की कार्यवाही माना जा रहा है।
रक्षा मंत्री का सीधा आदेश: हमला करो
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा, “हम अब और चुप नहीं बैठ सकते। ईरान ने जिस तरह युद्धविराम के तुरंत बाद मिसाइलें दागीं, वह सीधे तौर पर हमारी संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला है। मैंने इजरायली रक्षा बलों को कार्रवाई के लिए पूरी छूट दे दी है।”
इजरायली सैन्य कमान और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान की यह गतिविधि पूर्व-नियोजित थी और इसका उद्देश्य इजरायल को भड़काना था। अब इजरायली सेना तेहरान के रणनीतिक ठिकानों पर संभावित हमले की योजना बना रही है।
ईरान का इनकार: “हमने कुछ नहीं किया”
वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान स्थित इसना (ISNA) स्टूडेंट न्यूज़ एजेंसी ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि युद्धविराम के बाद ईरान की ओर से कोई मिसाइल हमला नहीं हुआ है। उन्होंने इन खबरों को “झूठा, भ्रामक और इजरायल की उकसावे की रणनीति” करार दिया।
ईरान का कहना है कि इजरायल खुद युद्धविराम तोड़ना चाहता है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव से बच सके और सैन्य कार्रवाई को जायज़ ठहरा सके। ईरानी अधिकारियों का यह भी आरोप है कि अमेरिका की चुप्पी इस पूरे घटनाक्रम में संदेह को और गहरा कर रही है।
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मध्य पूर्व में फिर से मंडरा रहा युद्ध का खतरा :
अब जबकि दोनों देशों के बयान आपस में टकरा रहे हैं, एक बार फिर मध्य पूर्व में युद्ध की आहट गूंजने लगी है। अमेरिका द्वारा घोषित युद्धविराम को लागू हुए कुछ ही घंटे बीते थे कि इजरायल और ईरान फिर से आमने-सामने खड़े हो गए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल सच में ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करता है, तो यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें क्षेत्र के अन्य देश भी खिंच सकते हैं। वैश्विक स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल, दुनिया की निगाहें वॉशिंगटन, तेल अवीव और तेहरान पर टिकी हुई हैं। सवाल यह है कि क्या अमेरिका एक और मध्यस्थता करेगा, या अब हालात हथियारों से तय होंगे?
Editorial

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