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मन वचन और कर्म का समन्वित नाम है योग
By EditorialPublished on
मुनि मुकुल कुमार ने कहा कि मन वचन और कर्म को साधने का ही नाम योग है। सभी साधक ये संकल्प करें कि एक साल तक मैं मन से किसी का अहित चिंतन नहीं करूंगा, वचन से किसी का दिल नहीं दु खाऊंगा ओर कर्म से अशुभ कार्य नहीं करूंगा। तभी योग दिवस सफल हो सकेगा।
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मुंबई। मुनि मुकुल कुमार ने कहा कि मन वचन और कर्म को साधने का ही नाम योग है। सभी साधक ये संकल्प करें कि एक साल तक मैं मन से किसी का अहित चिंतन नहीं करूंगा, वचन से किसी का दिल नहीं दु खाऊंगा ओर कर्म से अशुभ कार्य नहीं करूंगा। तभी योग दिवस सफल हो सकेगा।
तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़ के अनुसार योग दिवस पर फाऊंडेशन, प्रेक्षा फाउंडेशन एवं प्रेक्षाध्यान स्वास्थ केन्द्र पूर्व ने कार्यक्रम आयोजित किया। योग प्रशिक्षक शांतीलाल कोठारी ने मंगल भावना की। ज्ञानमल भंडारी ने यौगिक क्रिया करवाई। फाउंडेशन मंत्री प्यारचंद मेहता ने आभार प्रदर्शन किया। यह जानकारी कोषाध्यक्ष भगवती लाल धाकड़ ने दी।

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