नवी मुंबई में


नवी मुंबई के एमआईडीसी क्षेत्र स्थित संभाजीनगर आदिवासी बस्ती में परानुभूति फाउंडेशन द्वारा हाल ही में आयोजित मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान ने महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य केवल सैनिटरी नैपकिन वितरित करना नहीं था, बल्कि मासिक धर्म के दौरान उचित स्वच्छता के महत्व को समझाना, उससे जुड़े शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर चर्चा करना, और सामाजिक वर्जनाओं पर खुलकर संवाद स्थापित करना भी था।
स्थानीय सहयोग और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी :
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता ज्योति लडाक का विशेष योगदान रहा। उन्होंने न सिर्फ स्थान की व्यवस्था की, बल्कि आयोजन के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सहायता से लगभग 50 से 60 महिलाओं ने इस जागरूकता सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मार्गदर्शन और सहयोग :
इस अभियान में परानुभूति फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. भूषण जाधव, यूनिचार्म कॉरपोरेशन और बिर्ला सॉफ्ट का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। साथ ही परानुभूति फाउंडेशन की सामाजिक कार्यकर्ता, महिला सशक्तिकरण कोच, सोशल इम्पैक्ट एंबेसडर और गायिका ककुल मेहरा ने कार्यक्रम का मार्गदर्शन करते हुए उपस्थित महिलाओं को संवेदनशील और ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की।
इस दौरान मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों, बाज़ार में उपलब्ध विभिन्न स्वच्छता उत्पादों और उनके उपयोग के सही तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संवाद, समझ और बदलाव की ओर एक कदम :
कार्यक्रम में महिलाओं ने खुले मन से सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। कई महिलाओं ने पहली बार जाना कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखने से संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कार्यक्रम ने सामाजिक संकोच की दीवारों को तोड़ते हुए एक स्वस्थ संवाद की नींव रखी।
वातावरण में अपनापन और जागरूकता :
गर्म मौसम, समय की सीमाएं और अन्य चुनौतियों के बावजूद, परानुभूति फाउंडेशन ने यह अभियान सफलता पूर्वक संपन्न किया। इस पहल ने महिलाओं के बीच सहयोग, सहानुभूति और समझदारी का माहौल तैयार किया।
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भविष्य की दिशा – यह तो बस एक शुरुआत है!
यह पहल एक बार का प्रयास नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक उद्देश्य की शुरुआत है। परानुभूति फाउंडेशन भविष्य में भी इसी प्रकार के कई जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में मासिक धर्म को लेकर खुली बातचीत को प्रोत्साहित करना चाहता है, जिससे महिलाएं अधिक जागरूक, आत्मनिर्भर और स्वस्थ बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में परानुभूति फाउंडेशन ने अपने सहयोगी बिर्ला सॉफ्ट और आय-प्लेज संस्था का आभार प्रकट किया। संस्थापक एवं जनरल फिजिशियन डॉ. प्रवीण तळेले ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे जनकल्याणकारी प्रयासों में बढ़-चढ़कर भाग लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहयोग करें।
Editorial

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