यक्षणी माता मंदिर में चोरी, दानपात्र और गहने लेकर फरार हुए चोर
भीलवाड़ा जिले की ऐतिहासिक धरोहर मीनार पर स्थित प्रसिद्ध यक्षणी माता मंदिर पर बीती रात चोरों के दुस्साहसिक हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। अपराधियों ने न केवल मंदिर के बहुमूल्य आभूषण और दानपात्र की नकदी चुराई बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्वस्त करते हुए सीसी टीवी का डीवीआर तक साथ ले गए। यह घटना मांडल क्षेत्र की धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


भीलवाड़ा, - जिले की ऐतिहासिक धरोहर मीनार पर स्थित प्रसिद्ध यक्षणी माता मंदिर पर बीती रात चोरों के दुस्साहसिक हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। अपराधियों ने न केवल मंदिर के बहुमूल्य आभूषण और दानपात्र की नकदी चुराई बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्वस्त करते हुए सीसी टीवी का डीवीआर तक साथ ले गए। यह घटना मांडल क्षेत्र की धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यक्षणी माता मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता
मांडल के मीनार पर स्थित यक्षणी माता मंदिर इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर है। यह मंदिर सदियों से स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और दूर-दूर से भक्तगण यहां माता के दर्शन के लिए आते हैं। यक्षणी माता मंदिर अपनी चमत्कारिक शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है और विशेष पर्वों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। मीनार की ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यह मंदिर दूर से ही दिखाई देता है और क्षेत्र की पहचान बना हुआ है।
चोरी की घटना का विस्तृत विवरण
शुक्रवार सुबह 6 बजे जब मंदिर के पुजारी भारमल माली यक्षणी माता मंदिर में प्रातःकालीन आरती के लिए पहुंचे, तो उन्हें मंदिर के मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो पूरा मंदिर बिखरा हुआ था। चोरों ने मंदिर की पवित्रता का हनन करते हुए माता की मूर्ति से सोने-चांदी के आभूषण उतार लिए थे। यक्षणी माता मंदिर के दानपात्र को तोड़कर उसमें रखी सारी नकदी चुरा ली गई थी।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराधियों ने यक्षणी माता मंदिर में लगे सुरक्षा कैमरों का डीवीआर भी चुरा लिया, जिससे स्पष्ट होता है कि यह योजनाबद्ध अपराध था। चोरों ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था और सीसी टीवी फुटेज को मिटाने के लिए डीवीआर को भी निशाना बनाया।
मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में आक्रोश
यक्षणी माता मंदिर की घटना की जानकारी मिलने पर पुजारी भारमल माली ने तुरंत मंदिर समिति के अध्यक्ष बिहारीलाल सारस्वत को सूचना दी। समिति अध्यक्ष ने पुलिस को तत्काल घटना की रिपोर्ट दी। यक्षणी माता मंदिर के साथ हुई इस घटना से न केवल मंदिर समिति के पदाधिकारी बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं में भी तीव्र आक्रोश है।
मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि जब यक्षणी माता मंदिर जैसी ऐतिहासिक धरोहर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना करना भी कठिन है। समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रात के समय उचित गश्त होती, तो यक्षणी माता मंदिर में यह घटना नहीं होती।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मांडल थाना पुलिस ने यक्षणी माता मंदिर की चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। चूंकि चोर यक्षणी माता मंदिर का डीवीआर ले गए हैं, इसलिए सीसी टीवी फुटेज से कोई सुराग नहीं मिल सका है।
पुलिस ने यक्षणी माता मंदिर के आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू की है और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ते अपराध
चिंताजनक बात यह है कि यक्षणी माता मंदिर की यह घटना अकेली नहीं है। इससे मात्र एक दिन पहले बनेड़ा थाना क्षेत्र में भी चोरों ने एक मंदिर को निशाना बनाया था। यह दर्शाता है कि अपराधी धार्मिक स्थलों को आसान निशाना समझ रहे हैं।
यक्षणी माता मंदिर जैसे पवित्र स्थलों पर हो रहे अपराधों से समाज में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि यक्षणी माता मंदिर जैसे प्रतिष्ठित मंदिर सुरक्षित नहीं हैं, तो छोटे मंदिरों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
यक्षणी माता मंदिर की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है। मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि यक्षणी माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
यक्षणी माता मंदिर की घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं। श्रद्धालुओं की मांग है कि यक्षणी माता मंदिर के अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई और ऐसी दुस्साहस न कर सके।

