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स्थिति गंभीर: सोना हुआ सस्ता; मिसाइल संकट का असर बाजार पर
By EditorialPublished on
इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिसाइल युद्ध के चलते सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। न सिर्फ भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की चमक फीकी पड़ी है। स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर 3,365.51 डॉलर प्रति आउंस पर आ गया, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.7% टूटकर 3,385.50 डॉलर पर पहुंच गया है।

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इजरायल और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे तौर पर कीमती धातुओं के बाजार में भी दिखाई देने लगा है। मिसाइल हमलों और राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल के बीच सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
MCX पर गिरा सोना, चांदी ने दिखाई थोड़ी मजबूती :
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 99,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र से कम था। दिन के कारोबार के दौरान इसकी कीमत 98,431 रुपये के निचले स्तर तक गई, जबकि अधिकतम 99,198 रुपये तक पहुंची। इस सप्ताह कुल मिलाकर सोने की कीमत में 1% से अधिक की गिरावट देखी गई। वहीं चांदी ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया। 51 रुपये की तेजी के साथ यह 1,06,275 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी :
वैश्विक बाजारों में भी सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ी। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.2% गिरकर 3,365.51 डॉलर प्रति आउंस रह गई, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.7% गिरकर 3,385.50 डॉलर पर आ गया। चांदी की कीमतों में भी 1.1% की गिरावट दर्ज की गई।विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ऊंची बॉन्ड यील्ड्स और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है।
अमेरिकी हस्तक्षेप की अटकलें और ट्रंप की भूमिका :
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आने वाले दो हफ्तों में यह फैसला ले सकते हैं कि अमेरिका इजरायल-ईरान संघर्ष में सीधे शामिल होगा या नहीं। निवेशक इस फैसले पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश (safe haven asset) माना जाता है। राजनीतिक तनाव बढ़ने पर आमतौर पर सोने की मांग में इजाफा होता है।
फेडरल रिजर्व की नीति भी महत्वपूर्ण फैक्टर :
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2025 के लिए 50 बेसिस प्वाइंट्स की दर कटौती का अनुमान जताया है, लेकिन 2026-27 में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। फेडरल गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने जुलाई से कटौती की संभावना जताई है, जबकि चेयरमैन जेरोम पॉवेल अभी भी "डेटा आधारित निर्णय" की नीति पर कायम हैं। इस मतभेद ने बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव को बढ़ा दिया है।
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निवेशकों के लिए क्या है रणनीति ?
द मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी तौर पर MCX गोल्ड अगस्त वायदा को ₹97,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है। इस समय निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे "Sell-on-Rise" यानी उछाल पर बेचने की रणनीति अपनाएं। जब तक अमेरिका और फेड की नीतियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोने में सीमित दायरे में कारोबार या अचानक तेज़ उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।

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