हनी ट्रैप में नाकामी, फिर रची डकैती की साजिश – दो युवतियों समेत 6 गिरफ्तार
गंगापुर (विशेष संवाददाता)। राजस्थान के गंगापुर में पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ से एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिए जाने से रोक दिया गया है। भीलवाड़ा-उदयपुर नेशनल हाईवे 758 पर वाहन चालकों के साथ डकैती की योजना बना रहे छह सदस्यीय गैंग को पुलिस ने वारदात से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह में दो युवतियां और चार युवक शामिल थे, जो हाईवे पर गुजरने वाले वाहन चालकों को युवतियों के जरिए रोकने के बाद उनके साथ लूटपाट करने की योजना बना रहे थे।


गंगापुर (विशेष संवाददाता)। राजस्थान के गंगापुर में पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ से एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिए जाने से रोक दिया गया है। भीलवाड़ा-उदयपुर नेशनल हाईवे 758 पर वाहन चालकों के साथ डकैती की योजना बना रहे छह सदस्यीय गैंग को पुलिस ने वारदात से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह में दो युवतियां और चार युवक शामिल थे, जो हाईवे पर गुजरने वाले वाहन चालकों को युवतियों के जरिए रोकने के बाद उनके साथ लूटपाट करने की योजना बना रहे थे।
पुलिस को मिली सटीक खुफिया जानकारी
गंगापुर थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय के अनुसार, गुरुवार की सुबह करीब 5:30 बजे डीएसटी से महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई कि भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर एक गैंग वाहन चालकों के साथ डकैती की योजना बना रही है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह हाईवे स्थित चौधरी होटल के पास से रावण मंगरी जाने वाले लिंक रोड पर झाड़ियों की आड़ में छुपा हुआ था और अपनी योजना को अंजाम देने के लिए उपयुक्त समय का इंतजार कर रहा था।
सूचना मिलते ही एएसआई रज्जाक मोहम्मद अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जब पुलिस टीम ने उस स्थान की तलाशी ली तो वहां दो युवतियों सहित छह लोग वाहन चालकों से डकैती की योजना बनाते हुए मिले। पुलिस ने बिना किसी देरी के सभी छह संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और हथियार
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान बताई। चार पुरुष आरोपियों में केमुनिया निवासी केसर लाल पुत्र जय सिंह जाट, कोशीथल निवासी मनमोहन पुत्र शंकर सिंह चुंडावत, गंगापुर निवासी नारायण पुत्र हरिशंकर शर्मा और चमनपुरा निवासी कैलाश पुत्र नारायण गुर्जर शामिल हैं। वहीं दो युवतियों ने अपनी पहचान पुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पायल और चित्तौड़गढ़ के निकुंभ थाना क्षेत्र की संगीता के रूप में बताई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से खतरनाक हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। केसर लाल और मनमोहन के पास से एक-एक पिस्टल, नारायण के पास से स्टिक और कैलाश के पास से बेसबॉल का डंडा मिला है। इसके अलावा पुलिस ने तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं जिनका इस्तेमाल वे अपराध में करने वाले थे।
गैंग की कार्यप्रणाली और योजना
पुलिस की जांच से पता चला है कि इस गिरोह की कार्यप्रणाली काफी सुनियोजित थी। एएसआई नारायण लाल, जो इस मामले की जांच कर रहे हैं, के अनुसार यह गैंग हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को युवतियों के जरिए रोकने की योजना बना रहा था। युवतियां वाहनों को रोकने के लिए किसी न किसी बहाने का इस्तेमाल करतीं और जैसे ही चालक वाहन रोकते, छुपे हुए पुरुष सदस्य हथियारों के साथ निकलकर लूटपाट करते।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी केसर लाल इस गैंग का मुखिया है और उसका पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस के अनुसार, केसर लाल के खिलाफ पूर्व में रायपुर, करेड़ा, राजसमंद के आमेट और उदयपुर के सुखेर थाना में भी मामले दर्ज हैं। यह तथ्य इस बात को दर्शाता है कि वह एक अनुभवी अपराधी है और विभिन्न क्षेत्रों में अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोपियों ने बताया कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी सक्रिय रहकर लोगों को प्रेम जाल में फंसाने का प्रयास करता रहा है। हालांकि, लोगों की सतर्कता के कारण वे इस हनीट्रैप योजना में सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और युवतियों के जरिए वाहन चालकों को रोककर लूटपाट की यह नई योजना बनाई थी।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस पूरे मामले में गंगापुर पुलिस की तत्परता और कुशलता सराहनीय है। खुफिया सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करके न केवल एक बड़ी वारदात को रोका गया बल्कि एक खतरनाक गिरोह को भी पकड़ा गया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर की गई सक्रिय पुलिसिंग कैसे बड़े अपराधों को रोक सकती है।
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई न केवल हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि अन्य अपराधिक गिरोहों के लिए भी एक चेतावनी का संदेश है।

