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अखिलेश यादव का तीखा हमला; डिप्टी सीएम पर उठाए सवाल
By EditorialPublished on
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री बदलने की खबरें कुछ लोग जानबूझकर चलवा रहे हैं, जो संभवतः बीजेपी से मिले हुए हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि ये अफवाहें कौन फैला रहा है, क्यों फैला रहा है, किसी को नहीं पता—लेकिन राजनीति में माहौल जरूर गर्म कर रही हैं।

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उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जब अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर बयान देते हुए उन्हें "अनपढ़ आदमी" कह डाला।
“अनपढ़ आदमी हैं, क्यों नाम लेते हो यार” :
एक पत्रकार द्वारा डिप्टी सीएम केशव मौर्य से संबंधित सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, “वो भी अनपढ़ आदमी हैं, क्यों नाम लेते हो यार। बे मतलब में नाम लेते हो।" इस टिप्पणी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल पलभर के लिए सन्नाटा भरा हो गया, लेकिन सपा अध्यक्ष ने अपनी बात को और आगे बढ़ाया।
सीएम बदलने की अफवाहों पर बड़ा बयान :
अखिलेश यादव ने उन खबरों पर भी कटाक्ष किया जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें कहा गया कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बदला जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि “बीजेपी खुद सोशल मीडिया पर ये खबरें चलवाती है कि मुख्यमंत्री बदलने वाला है। आप में से कुछ लोग हैं जो बीजेपी से मिले हुए होंगे और यही चलवाते हैं। पता नहीं वाकई में बदलाव होगा भी या नहीं।” इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि सपा प्रमुख इसे केवल सियासी चाल मानते हैं, ताकि असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल :
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी अखिलेश यादव हमलावर नजर आए। उन्होंने गाजियाबाद में हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा, “देखिए, जो एफआईआर लिखवाने गया, उसे वहीं मार दिया गया। उत्तर प्रदेश में कहीं कोई लॉ एंड ऑर्डर नहीं है।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जातियों की लड़ाई कराकर इसका राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है।
शिक्षा और शिक्षकों के मुद्दे पर भी हमला :
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा, “बीजेपी सरकार शिक्षक और शिक्षा दोनों के खिलाफ है। जितने कम स्कूल होंगे, उतना ही विरोध भी कम होगा, यही इनकी सोच है। यह हृदयहीन सरकार है।”
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस की बात करने वाली सरकार पहले प्रशासनिक दफ्तरों में इसकी शुरुआत करे।
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जनता को बताया लोकतंत्र में सबसे ऊपर :
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा शिक्षकों और गुरुओं का सम्मान किया है और जब भी उन्हें मौका मिलेगा, वे सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा, “बीजेपी जब जनता की तरफ देखती है तो अंधी हो जाती है। लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है, यह बात बीजेपी को अब जाकर समझ में आई होगी।”
अखिलेश यादव के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। डिप्टी सीएम को लेकर उनकी तीखी टिप्पणी और मुख्यमंत्री बदले जाने की अटकलों पर उनका जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजियों और बहसों को और उग्र कर सकता है।

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