DGP राजीव कृष्ण नया कप्तान, नया मिशन; 10 मुद्दों पर एक्शन मोड ऑन
उत्तर प्रदेश पुलिस के नवनियुक्त कार्यवाहक महानिदेशक (DGP) आईपीएस राजीव कृष्ण ने सोमवार, 2 जून को पहली बार प्रेस से रूबरू होते हुए राज्य की पुलिसिंग के भविष्य की दिशा तय करने वाले कई अहम ऐलान किए। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “विश्व के सबसे बड़े पुलिस बल का नेतृत्व सौंपे जाने पर मैं आभारी हूं और पुलिस को उत्कृष्टता के नए स्तर तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।”
राजीव कृष्ण ने बताया कि यूपी पुलिस अब पांच मुख्य मुद्दों पर पूरी ताकत से फोकस करेगी — अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, महिला सुरक्षा, जन शिकायतों का संवेदनशील समाधान, साइबर अपराधों की रोकथाम, और पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी व एआई का बढ़ता इस्तेमाल।
1. अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस :
राजीव कृष्ण ने दो टूक कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी। “हम एक सुरक्षित वातावरण देने के लिए कृतसंकल्प हैं,” उन्होंने कहा।
2. महिला सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता :
महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए डीजीपी ने कहा कि यह पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि राज्य की हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे। “हम महिलाओं को सशक्त और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में काम करेंगे।”
3. जन शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता :
डीजीपी ने कहा कि हर नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। “जन सेवा ही हमारा असली धर्म है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
4. साइबर क्राइम के खिलाफ तकनीकी मोर्चा :
राजीव कृष्ण ने बताया कि कोविड के बाद साइबर अपराधों में इजाफा हुआ है, जिसे रोकने के लिए पुलिस बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। अब उन्नत तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा ताकि साइबर खतरों से आगे रहा जा सके।
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5. पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी और AI की बड़ी भूमिका :
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस अब टेक्नोलॉजी और AI का भरपूर उपयोग करेगी। इससे न केवल अपराध नियंत्रण बेहतर होगा, बल्कि डाटा-आधारित निर्णय और संसाधनों का स्मार्ट इस्तेमाल भी संभव होगा। उन्होंने इसे "गेम चेंजर" करार दिया।
पुलिस कल्याण और प्रशिक्षण भी रहेगा फोकस में :
प्रेसवार्ता में उन्होंने पुलिस बल के प्रशासनिक और कल्याणकारी पहलुओं को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कर्मियों के मनोबल और प्रेरणा को बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आम जनता को भी बेहतर सेवा मिल सके। राजीव कृष्ण ने अंत में कहा कि “उत्तर प्रदेश पुलिस के पास प्रतिभाशाली अधिकारी और जवान हैं। उनके कौशल का पूरा उपयोग करते हुए हम पुलिसिंग के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम करेंगे।” यह प्रेसवार्ता न केवल एक रणनीतिक रोडमैप पेश करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यूपी पुलिस अब तकनीक, संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी।
Editorial

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